By Malay Ojha | Published: 02 October 2026 at 08:46 PM
बिहार के जहानाबाद जिले के पखनपुर में PM-KUSUM योजना के तहत लगे 7.783 मेगावाट के सोलर प्लांट का BSPGCL के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट के उत्पादन और संचालन की स्थिति की जानकारी ली गई। कंपनी के मुताबिक, संयंत्र से रोजाना 40 हजार यूनिट से ज्यादा बिजली पैदा हो रही है।
निरीक्षण के दौरान BSPGCL एमडी ने प्लांट से जुड़े किसानों से भी बातचीत की। किसानों से जमीन के लीज भुगतान और परियोजना से होने वाले फायदे की जानकारी ली गई। BSPGCL की वेबसाइट पर PM-KUSUM के तहत सोलर प्रोजेक्ट्स और फीडर सोलराइजेशन से जुड़ी गतिविधियां भी दर्ज हैं।
किसानों को हर साल 40 हजार रुपये प्रति एकड़
परियोजना से जुड़ी जमीन के लिए किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से लीज रेंट दिया जा रहा है। किसानों के मुताबिक, जिन जमीनों पर पहले जलजमाव की समस्या के कारण खेती करना मुश्किल था, अब उनका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए हो रहा है।
जलजमाव वाली जमीन से मिलने लगी नियमित आय
किसानों ने बताया कि लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण ऐसी जमीन पर फसल लेना मुश्किल था। सोलर प्लांट लगने के बाद उसी जमीन से नियमित लीज आय मिल रही है। इससे खेती पर निर्भरता के अलावा आय का एक और जरिया बना है।
डेवलपर को हर महीने करीब 40 लाख का भुगतान
परियोजना से RESCO डेवलपर को भी नियमित भुगतान मिल रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्लांट से पैदा होने वाली बिजली के एवज में वितरण कंपनियों की ओर से डेवलपर को करीब 40 लाख रुपये प्रति माह का भुगतान किया जा रहा है।
अक्षय ऊर्जा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
BSPGCL एमडी विशाल राज ने कहा कि पखनपुर की परियोजना दिखाती है कि PM-KUSUM के जरिए ऐसी जमीन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां खेती करना मुश्किल है। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों के लिए स्थायी आय का रास्ता भी बन सकता है।
बिहार में सोलर प्रोजेक्ट्स पर बढ़ रहा फोकस
BSPGCL की मौजूदा परियोजना सूची में PM-KUSUM के अलावा कई सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। कंपनी ने 2026 में फीडर लेवल सोलराइजेशन और अन्य सोलर प्रोजेक्ट्स से जुड़े टेंडर और प्रक्रियाएं भी जारी की हैं।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

