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समान शिक्षा की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन, नेताओं-अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की मांग

By aryavartalive | Published: 02 October 2026 at 03:36 PM

लखनऊ: समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का प्रदर्शन जारी है। शिक्षा निदेशालय के सामने चल रहे प्रदर्शन का शुक्रवार को 41वां दिन रहा। प्रदर्शनकारी सरकार से समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता और सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के नेता संदीप पाण्डेय कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में आर्थिक आधार पर अंतर नहीं होना चाहिए और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए।

नेताओं-अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के उस फैसले को लागू करने की मांग दोहराई, जिसमें सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के संदर्भ में सरकारी वेतन पाने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की बात कही गई थी। इस फैसले में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने से जुड़े निर्देश भी दिए गए थे।

मुचकुंद दूबे आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुचकुंद दूबे की अध्यक्षता वाले समान स्कूल प्रणाली आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की। आयोग का गठन बिहार में समान स्कूल प्रणाली पर सुझाव देने के लिए किया गया था और इसकी रिपोर्ट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया था। ([Google Groups][3])

‘गरीब हो या अमीर, शिक्षा एक समान’
प्रदर्शन के दौरान ‘गरीब हो या अमीर की संतान, सबकी शिक्षा एक समान’ का नारा भी दिया गया। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का कहना है कि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का अंतर कम होना चाहिए और सभी बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने समान शिक्षा प्रणाली को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।

आंदोलन आगे भी जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक समान शिक्षा प्रणाली की मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संदीप पाण्डेय के नेतृत्व में शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।

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समान शिक्षा की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन, नेताओं-अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की मांग

By aryavartalive | Published: 02 October 2026 at 03:36 PM

लखनऊ: समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का प्रदर्शन जारी है। शिक्षा निदेशालय के सामने चल रहे प्रदर्शन का शुक्रवार को 41वां दिन रहा। प्रदर्शनकारी सरकार से समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता और सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के नेता संदीप पाण्डेय कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में आर्थिक आधार पर अंतर नहीं होना चाहिए और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए।

नेताओं-अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के उस फैसले को लागू करने की मांग दोहराई, जिसमें सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के संदर्भ में सरकारी वेतन पाने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की बात कही गई थी। इस फैसले में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने से जुड़े निर्देश भी दिए गए थे।

मुचकुंद दूबे आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुचकुंद दूबे की अध्यक्षता वाले समान स्कूल प्रणाली आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की। आयोग का गठन बिहार में समान स्कूल प्रणाली पर सुझाव देने के लिए किया गया था और इसकी रिपोर्ट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया था। ([Google Groups][3])

‘गरीब हो या अमीर, शिक्षा एक समान’
प्रदर्शन के दौरान ‘गरीब हो या अमीर की संतान, सबकी शिक्षा एक समान’ का नारा भी दिया गया। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का कहना है कि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का अंतर कम होना चाहिए और सभी बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने समान शिक्षा प्रणाली को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।

आंदोलन आगे भी जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक समान शिक्षा प्रणाली की मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संदीप पाण्डेय के नेतृत्व में शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।

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