By Malay Ojha | Published: 28 October 2026 at 08:53 PM
बिहार की राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकालकर विपक्ष पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पटना के सांसद रविशंकर प्रसाद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी बात रखी।
कारगिल चौक से जेपी की प्रतिमा तक निकली पदयात्रा
भाजपा की पदयात्रा गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक से शुरू हुई और मौर्या होटल के पास लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा तक पहुंची। यहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेताओं ने जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले कारगिल चौक पर सभा आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ने अभियान के उद्देश्य और आगे के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
SIR को लेकर संजय सरावगी ने विपक्ष से पूछे सवाल
सभा को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने कांग्रेस और राजद समेत विपक्षी दलों पर वोट चोरी के आरोपों के जरिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सरावगी ने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची से ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं, तो विपक्ष को इस प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को फर्जी मतदान की व्यवस्था खत्म होने से परेशानी हो रही है।
चुनाव हारने पर EVM और प्रक्रिया पर उठते हैं सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दलों के उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं, तब लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए जाते। लेकिन चुनाव में हार मिलने पर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने न्यायपालिका और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष की टिप्पणियों को भी अनुचित बताया।
सरावगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप स्वीकार नहीं किए जाने चाहिए।
बिहार के 10 प्रमंडलों में निकलेगी पदयात्रा
संजय सरावगी ने बताया कि अभियान के पहले चरण में बिहार के 10 प्रमंडलीय मुख्यालयों में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की कि दो नवंबर को भागलपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और चार नवंबर को पूर्णिया में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में कार्यक्रम होगा। दरभंगा समेत दूसरे प्रमंडलीय मुख्यालयों में भी पार्टी के वरिष्ठ नेता अभियान का नेतृत्व करेंगे।
जिला मुख्यालयों से विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा अभियान
अभियान के दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें कर विपक्ष की नीतियों को जनता के सामने रखने की योजना है। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में NDA को जनता का समर्थन मिल रहा है। भाजपा ने इस अभियान को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राजनीतिक अराजकता के विरोध में जनजागरण की पहल बताया।
कई मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी रहे मौजूद
पदयात्रा में बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, डॉ. दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी और नीतीश मिश्रा समेत कई नेता शामिल हुए। मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया, विधान पार्षद संजय मयूख, विधायक रत्नेश कुशवाहा, संजय गुप्ता, सिद्धार्थ सौरभ और सियाराम सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रदेश महामंत्री नितिन अभिषेक, राजेश झा, धनराज शर्मा और सरोज रंजन पटेल सहित पटना महानगर, पटना ग्रामीण और बाढ़ के जिला अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। महिला कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता भाजपा के झंडे और नारों वाली तख्तियां लेकर पदयात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री प्रीति शेखर ने किया।
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