By Malay Ojha | Published: 20 September 2026 at 10:20 AM
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भविष्य की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। इस बीच योगी आदित्यनाथ ने 2027 के बाद अपनी राष्ट्रीय भूमिका और प्रधानमंत्री पद की अटकलों पर अपना रुख बताया है। द स्टेट्समैन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके लिए जिम्मेदारी और राष्ट्र प्रथम सबसे अहम है।
प्रधानमंत्री पद का दावेदार खुद को मानने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने इसे अपने सार्वजनिक जीवन का बड़ा विशेषाधिकार और जिम्मेदारी बताया। योगी के मुताबिक उनका ध्यान फिलहाल उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और गवर्नेंस के स्तर पर आगे ले जाने पर है।
NDA में सीट बंटवारे पर क्या बोले?
2027 के विधानसभा चुनाव में NDA के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर योगी ने इसे संगठन से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज, जिले और घर तक पहुंचे। उनका जोर समाज के हर वर्ग के विकास और राज्य की प्रगति में उसकी भागीदारी पर है।
काशी-मथुरा पर भी सीएम ने रखी बात
अयोध्या के बाद काशी और मथुरा पर सरकार के फोकस को लेकर भी योगी से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी उत्तर प्रदेश की विरासत का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक विरासत का संरक्षण और विकास दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। हाल में जन्माष्टमी के मौके पर योगी ने मथुरा-वृंदावन में अयोध्या और काशी की तर्ज पर भव्य मंदिर परिसरों के विकास की बात कही थी।
काशी से अर्थव्यवस्था का कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि दिसंबर 2021 में इसके उद्घाटन के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचे हैं और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इससे नाविकों, रेहड़ी-पटरी वालों, पुजारियों, ऑटो चालकों, होटल और होम स्टे संचालकों समेत कई वर्गों को आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिला है। काशी विश्वनाथ धाम से जुड़े 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि का आंकड़ा पहले भी सार्वजनिक तौर पर सामने आया है।
धार्मिक पर्यटन के साथ शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर
योगी ने कहा कि विरासत और धार्मिक पर्यटन पर काम करने का मतलब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को पीछे करना नहीं है। उन्होंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ किए गए काम और मेडिकल शिक्षा के विस्तार का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में अब 80 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने अयोध्या और प्रयागराज में भी धार्मिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों और आर्थिक असर का उल्लेख किया।
2027 से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए योगी आदित्यनाथ की भूमिका, अयोध्या के बाद काशी-मथुरा पर फोकस और सरकार के विकास कार्य लगातार राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण है कि उनकी मौजूदा प्राथमिकता उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी और राज्य के विकास पर केंद्रित है।
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