By Malay Ojha | Published: 15 June 2026 at 12:25 PM
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योगपीठ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया में कदम रखते हुए ‘पतंजलि सिविल सेवा अकादमी’ शुरू करने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस परियोजना की जिम्मेदारी देश के चर्चित शिक्षक अवध ओझा को सौंपी गई है। अकादमी का पहला बैच 15 जुलाई 2026 से शुरू होगा।
पतंजलि की नई पहल के तहत यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। संस्थान का दावा है कि छात्रों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि सही दिशा, रणनीति और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिलेगा। अकादमी के शैक्षणिक संचालन और छात्रों को दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अवध ओझा संभालेंगे।
दो साल का होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, ‘पतंजलि सिविल सेवा अकादमी’ में कुल दो साल का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को व्यवस्थित तैयारी का अवसर देना है जो सिविल सेवा में करियर बनाना चाहते हैं। हालांकि अभी तक पाठ्यक्रम, फीस और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
प्रवेश के लिए शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
अकादमी में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवेश एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होगा। उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय ऑफ पतंजलि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2026 दोपहर 12 बजे निर्धारित की गई है।
चयन से पहले होगी परीक्षा
संस्थान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि छात्रों का चयन सीधे प्रवेश के बजाय एक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसका मकसद गंभीर और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देना बताया जा रहा है। परीक्षा की तारीख और अन्य विवरण जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
शिक्षा क्षेत्र में पतंजलि का नया विस्तार
अब तक योग, आयुर्वेद और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों के लिए पहचानी जाने वाली पतंजलि ने शिक्षा क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ाई है। सिविल सेवा कोचिंग की शुरुआत को इसी विस्तार की बड़ी कड़ी माना जा रहा है। इससे उन छात्रों को एक नया विकल्प मिलेगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन की तलाश में रहते हैं।
क्या बोले बाबा रामदेव?
अकादमी की घोषणा के दौरान बाबा रामदेव ने भरोसा जताया कि यहां से पढ़ाई करने वाले छात्र भविष्य में अच्छे प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल परीक्षा पास करवाना नहीं बल्कि ऐसे अधिकारियों को तैयार करना है जो देश और समाज के लिए बेहतर काम कर सकें।
अवध ओझा ने भी जताया उत्साह
इस मौके पर अवध ओझा ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नया केंद्र शुरू होने जा रहा है और वह खुद इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। उनके मुताबिक, छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
युवाओं के लिए क्यों खास है यह पहल?
देशभर में हर साल लाखों छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में पतंजलि जैसी बड़ी संस्था का इस क्षेत्र में उतरना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर रहेगी कि अकादमी की फीस, फैकल्टी और चयन प्रक्रिया से जुड़ी बाकी जानकारियां कब सामने आती हैं।

