By Malay Ojha | Published: 28 July 2026 at 12:02 PM
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की जेन-जेड प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर नया विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए युवाओं की भाषा और तौर-तरीकों पर सवाल उठाए और प्रदर्शनकारियों को ‘जेनरेशन गटर’ तक कह दिया। उनके बयान के बाद कांग्रेस नेता भाई जगताप और एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कड़ी आपत्ति जताई है। वारिस पठान ने कंगना की भाषा को निंदनीय बताते हुए उनसे जेन-जेड युवाओं से माफी मांगने को कहा है।
कंगना रनौत की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस तेज है। कंगना ने प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो, पोस्ट, नारे और इस्तेमाल की गई भाषा पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो देखकर उन्हें बेहद खराब महसूस हुआ और उन्होंने युवाओं के बोलने के तरीके पर सवाल उठाया।
‘कॉकरोच’ वाले बयान पर भी कंगना ने साधा निशाना
कंगना ने प्रदर्शनकारियों की ओर से खुद को ‘कॉकरोच’ कहे जाने वाले संदर्भ पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत विविधता और सुंदरता वाला देश है, लेकिन प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग जिस तरह की भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें बेहद आपत्तिजनक लगता है। इसी क्रम में उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए कचरा और गंदगी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनकी भाषा पर तीखा हमला किया।
महिलाओं पर टिप्पणी ने बढ़ाया विवाद
कंगना का विवादित बयान यहीं नहीं रुका। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने उन्हें पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाएं बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ महिलाएं अपनी आजादी को नशे, शराब और माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहने से जोड़ती हैं। इसके बाद कंगना ने ऐसी महिलाओं के लिए ‘जेनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कांग्रेस नेता ने पूछा- छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर दुख क्यों नहीं?
कंगना के बयान पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि कंगना को इस पर संवेदना दिखानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि खुद एक महिला होने के बावजूद कंगना को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं के साथ हुए कथित बर्ताव पर कोई अफसोस क्यों नहीं है।
वारिस पठान ने कंगना से मांगी माफी
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने भी कंगना रनौत की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर कंगना ने इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है तो यह बेहद निंदनीय है। पठान ने कंगना से जेन-जेड युवाओं से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपनी पार्टी की सांसद की भाषा पर ध्यान देने की अपील की।
सोशल मीडिया पर भी कंगना को घेर रहे लोग
कंगना की टिप्पणी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को युवाओं और प्रदर्शनकारियों के प्रति अपमानजनक बताया, जबकि कुछ यूजर प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कंगना के सवालों का समर्थन करते नजर आए। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि किसी प्रदर्शन में शामिल सभी युवाओं और महिलाओं को एक ही नजर से देखना सही नहीं है।
छात्रों के आंदोलन पर पहले भी बोल चुकी हैं कंगना
यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अपनी राय रखी है। इससे पहले भी वह प्रदर्शन के तरीके और सरकार पर दबाव बनाने के लिए सड़क पर उतरने की रणनीति पर सवाल उठा चुकी हैं। इस बार उनकी टिप्पणी ने विवाद को और बड़ा कर दिया है, क्योंकि निशाने पर सीधे जेन-जेड प्रदर्शनकारी और प्रदर्शन में शामिल महिलाएं हैं।
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