By Malay Ojha | Published: 16 June 2026 at 01:11 PM
देशभर में दवाओं की बिक्री को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब खांसी की सिरप समेत सभी प्रकार की सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए बिना पर्ची ऐसी दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगेगी और मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी।
नए नियम लागू होने के बाद दवा दुकानों से सिरप खरीदना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। अब ग्राहक को डॉक्टर की लिखी पर्ची दिखानी होगी, तभी उसे संबंधित दवा दी जा सकेगी। सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन कर सिरप को उस श्रेणी से बाहर कर दिया है, जिसके तहत कुछ दवाएं बिना पर्ची के भी बेची जा सकती थीं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 9 जून 2026 को जारी नोटिफिकेशन में इस बदलाव की जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने साफ किया है कि नियमों में संशोधन आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा। इसके बाद देशभर में दवा विक्रेताओं को नए नियमों का पालन करना होगा।
आखिर सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ महीने पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से दूषित कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और बिक्री व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद विशेषज्ञों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सिरप की बिक्री और उत्पादन पर सख्त निगरानी की मांग की थी।
पिछले साल शुरू हुई थी तैयारी
दरअसल, इस बदलाव की प्रक्रिया पिछले वर्ष दिसंबर में शुरू हुई थी। उस समय सरकार ने नियमों में संशोधन का मसौदा जारी कर आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे थे। सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद अब अंतिम नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
नियमों में क्या बदला गया?
नए संशोधन के तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-के में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले इस सूची में सिरप को भी शामिल किया गया था, जिससे कुछ परिस्थितियों में उनकी बिक्री बिना डॉक्टर की पर्ची के संभव थी। अब सरकार ने इस सूची से ‘सिरप’ को हटा दिया है। इसका सीधा असर यह होगा कि सिरप की बिक्री अधिक नियंत्रित व्यवस्था के तहत होगी।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
मंत्रालय ने यह संशोधन ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए किया है। सरकार का मानना है कि दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण से मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और बिना सलाह दवा लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
नए नियम लागू होने के बाद खांसी, जुकाम या अन्य बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली सिरप खरीदने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी होगा। इससे दवाओं के अनियंत्रित उपयोग में कमी आ सकती है। हालांकि, कई लोगों को अब छोटी बीमारी में भी डॉक्टर की पर्ची लेने की अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
दवा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार सख्ती बढ़ा रही है। सिरप की बिक्री पर नए नियम इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दवा उद्योग और दवा दुकानों को भी इन नियमों के अनुरूप अपनी व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
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