By aryavartalive | Published: 16 June 2026 at 01:42 PM
बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बने 10 सर्कुलर रोड आवास मामले में नया मोड़ आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर सरकारी बंगला खाली नहीं कराने की गुजारिश की है। उन्होंने अपने पति और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की खराब सेहत का हवाला देते हुए कहा है कि मौजूदा आवास उनकी चिकित्सकीय जरूरतों के हिसाब से सबसे उपयुक्त है।
राबड़ी देवी ने विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि लालू प्रसाद यादव का सिंगापुर में किडनी प्रत्यारोपण हो चुका है और उसके बाद से उनकी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार लालू यादव सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई महसूस करते हैं, इसलिए उनके लिए भूतल पर विशेष कमरा तैयार कराया गया था।
विशेष कमरे का भी किया जिक्र
पत्र में यह भी कहा गया है कि लालू यादव की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवास में विशेष व्यवस्था की गई थी। राबड़ी देवी का दावा है कि यह कमरा सरकारी खर्च से तैयार हुआ था और उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए इसकी व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि मौजूदा आवास लालू यादव की स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप है।
2030 तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग
राबड़ी देवी ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास की वर्तमान स्थिति वर्ष 2030 तक बरकरार रखी जाए। उन्होंने कहा है कि जब तक वह विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में हैं, तब तक इस आवास को खाली कराने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
सरकार ने दिया था समय
गौरतलब है कि बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 जून तक का समय दिया गया था। यह मामला पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच बयानबाजी भी तेज रही है।
अब तक नहीं हुई कोई सख्त कार्रवाई
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। राबड़ी देवी के पत्र के बाद सरकार की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि भवन निर्माण विभाग या राज्य सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले भी चर्चा में रहा है आवास विवाद
10 सर्कुलर रोड का यह आवास लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। सरकार की ओर से आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया था। वहीं सत्ता पक्ष का कहना रहा है कि सरकारी नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
हाल ही में सिंगापुर गए थे लालू यादव
लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ वर्षों से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में वह इलाज और नियमित जांच के लिए अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के पास सिंगापुर भी गए थे। किडनी प्रत्यारोपण के बाद से डॉक्टर लगातार उनकी विशेष देखभाल और संक्रमण से बचाव की सलाह देते रहे हैं।
अब सरकार के फैसले पर नजर
राबड़ी देवी के पत्र के सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार उनके अनुरोध पर कोई राहत देती है या फिर पहले जारी निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
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