By Malay Ojha | Published: 14 June 2026 at 10:14 AM
अगर पिछले कुछ दिनों से आपके मोबाइल पर तेज आवाज के साथ आने वाले आपदा अलर्ट संदेश अचानक बंद हो गए हैं, तो इसके पीछे सरकार का बड़ा फैसला है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मोबाइल पर भेजे जाने वाले सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक बंद रहेगी। हालांकि अधिकारियों ने इसके पीछे की स्पष्ट वजह नहीं बताई है, लेकिन माना जा रहा है कि पूरे सिस्टम और उसकी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मोबाइल पर आपातकालीन चेतावनी भेजने वाली सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को एहतियातन रोकने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगली सूचना मिलने तक जारी रहेगा।
हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में मौसम से जुड़ी चेतावनियां, तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की जानकारी इसी प्रणाली के जरिए लोगों तक पहुंचाई गई थी। ऐसे में सेवा बंद होने की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा है।
क्या होता है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम?
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेजा जा सकता है। यह सामान्य संदेश सेवा से अलग काम करती है और आपदा या आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
इस प्रणाली के तहत मोबाइल स्क्रीन पर सबसे ऊपर एक विशेष चेतावनी संदेश दिखाई देता है। इसके साथ तेज आवाज भी सुनाई देती है, ताकि उपयोगकर्ता का ध्यान तुरंत उस संदेश की ओर जाए। कई मोबाइल फोन में यह संदेश आवाज के जरिए पढ़कर भी सुनाया जाता है।
इंटरनेट और मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चेतावनी संदेश प्राप्त करने के लिए इंटरनेट या मोबाइल डेटा की आवश्यकता नहीं होती। यहां तक कि भारी नेटवर्क दबाव के दौरान भी यह प्रणाली काम कर सकती है।
यही वजह है कि आपदा प्रबंधन एजेंसियां इसे आम संदेश सेवा की तुलना में अधिक प्रभावी मानती हैं। किसी इलाके में खतरे की स्थिति बनने पर लाखों लोगों तक एक साथ सूचना पहुंचाना इसके जरिए आसान हो जाता है।
सामान्य संदेश सेवा से कैसे अलग है यह तकनीक?
पारंपरिक संदेश सेवा में संदेश एक-एक मोबाइल नंबर पर भेजे जाते हैं। ऐसे में नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में संदेश पहुंचने में देरी हो सकती है।
वहीं सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक में किसी मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती। मोबाइल टावर से सीधे उस क्षेत्र में मौजूद सभी उपकरणों तक चेतावनी पहुंचाई जाती है। इसी कारण इसे आपदा प्रबंधन के लिए अधिक भरोसेमंद माना जाता है।
मई में शुरू हुई थी सेवा
सरकार ने इस सेवा को मई महीने में औपचारिक रूप से शुरू किया था। शुरुआत के बाद देशभर में कई बार परीक्षण और वास्तविक चेतावनी संदेश भेजे गए। बदलते मौसम, तेज हवाओं, भारी बारिश और अन्य संभावित खतरों को लेकर भी लोगों को इसी माध्यम से सतर्क किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली ने कम समय में लोगों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
किन संस्थाओं ने तैयार किया सिस्टम?
सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली को दूरसंचार विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके तकनीकी विकास की जिम्मेदारी दूरसंचार तकनीक से जुड़े सरकारी संस्थान सी-डॉट ने संभाली थी।
इसका उद्देश्य किसी भी आपदा, प्राकृतिक संकट या आपात स्थिति के दौरान प्रभावित क्षेत्र में मौजूद नागरिकों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाना है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
आगे क्या होगा?
फिलहाल अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि सेवा कब दोबारा शुरू होगी। हालांकि संकेत मिले हैं कि संबंधित एजेंसियां तकनीकी व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया की समीक्षा कर रही हैं। समीक्षा पूरी होने के बाद ही सेवा को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जा सकता है।

