By Malay Ojha | Published: 17 August 2026 at 09:12 PM
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। हादसे में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हैं। घटना पर भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने गहरा दुख जताते हुए मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार ने मृतकों के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
सावन की तीसरी सोमवारी पर अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने के साथ अचानक अफरा-तफरी की स्थिति बनी और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। हादसे में कई श्रद्धालु भीड़ के बीच गिर गए और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिरते चले गए। प्रशासन ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
संजय सरावगी ने जताया गहरा दुख
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने घटना को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि अशोक धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ हुआ यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
बोले- घायलों के इलाज में नहीं होनी चाहिए कमी
संजय सरावगी ने कहा कि हादसे में घायल श्रद्धालुओं के इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी घायल जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटेंगे।
मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये
हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृत श्रद्धालुओं के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित और तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया गया है।
हादसे के कारणों की जांच पर नजर
अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ के पीछे की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में कई बातें सामने आई हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, सुबह के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दो ट्रेनों के आने से आसपास भीड़ और बढ़ गई थी। इसी दौरान बिजली का एक खंभा गिरने और उसके बाद करंट फैलने की अफवाह से लोगों में अचानक डर पैदा हुआ। इसके बाद भगदड़ की स्थिति बनी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी।
दो ट्रेनों के आने से बढ़ी भीड़
लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार के अनुसार, सुबह करीब साढ़े छह बजे के आसपास दो ट्रेनों के आने से मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी। भारी भीड़ के बीच अफवाह फैलने के बाद लोगों में घबराहट पैदा हुई। भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और भीड़ का दबाव बढ़ता चला गया। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रहा है।
राहत और बचाव में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को अस्पताल ले जाने का काम शुरू किया गया। लखीसराय सदर अस्पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद मंदिर और आसपास के इलाके में व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है भाजपा परिवार
संजय सरावगी ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भाजपा परिवार पूरी संवेदना के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनके दर्द को शब्दों में बयान करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से घायलों को हरसंभव सहायता देने तथा प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद जल्द पहुंचाने की बात कही।
श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ी धार्मिक भीड़ के दौरान थोड़ी सी अफरा-तफरी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
हादसे ने फिर खड़े किए भीड़ प्रबंधन पर सवाल
अशोक धाम की घटना ने धार्मिक स्थलों पर बड़ी भीड़ के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सावन और अन्य बड़े धार्मिक अवसरों पर बिहार के प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास के अलग रास्ते, पर्याप्त बैरिकेडिंग, पुलिस बल, आपात चिकित्सा व्यवस्था और अफवाहों पर तत्काल रोक लगाने की व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि भगदड़ की शुरुआत किस वजह से हुई और उस समय मौके पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था कैसी थी। शुरुआती जानकारी में बिजली के खंभे से जुड़ी अफवाह और अचानक बढ़ी भीड़ को अहम कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
मृतकों को श्रद्धांजलि, घायलों के लिए प्रार्थना
संजय सरावगी ने अशोक धाम हादसे में जान गंवाने वाले सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में पूरा भाजपा परिवार उनके साथ है। साथ ही उन्होंने हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
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