By Malay Ojha | Published: 04 July 2026 at 07:28 AM
बिहार में बिजली की बढ़ती जरूरतों के बीच ऊर्जा विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। तीन जुलाई 2026 की रात नौ बजकर बावन मिनट पर राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 9135 मेगावाट तक पहुंच गई। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। खास बात यह रही कि इतनी अधिक मांग होने के बावजूद राज्य के किसी भी हिस्से में बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई और उपभोक्ताओं को लगातार बिजली मिलती रही।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, रिकॉर्ड स्तर की मांग को बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़ी सभी इकाइयों ने मिलकर सफलतापूर्वक पूरा किया। सामान्य दिनों की तुलना में बिजली की खपत काफी अधिक रही, लेकिन इसके बावजूद कहीं भी व्यापक कटौती की नौबत नहीं आई। विभाग का कहना है कि मजबूत बिजली नेटवर्क और बेहतर समन्वय के कारण यह संभव हो सका।
मजबूत व्यवस्था का दिखा असर
पिछले कुछ वर्षों में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया गया है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार, नए सब-स्टेशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि रिकॉर्ड मांग के समय भी पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से काम करती रही।
हर जिले तक पहुंची निर्बाध बिजली
ऊर्जा विभाग का दावा है कि राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही। कहीं भी बड़े स्तर पर व्यवधान की सूचना नहीं मिली। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हो चुकी है और अचानक बढ़ने वाली मांग को संभालने की क्षमता भी विकसित हो गई है।
बढ़ती बिजली खपत क्या बताती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का संकेत है। उद्योग, व्यापार, कृषि, छोटे कारोबार और घरेलू उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों के कारण बिजली की खपत हर साल नए स्तर पर पहुंच रही है। इससे यह भी साफ होता है कि राज्य में बिजली का उपयोग पहले से कहीं अधिक बढ़ा है।
ऊर्जा विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि
9135 मेगावाट की मांग को सफलतापूर्वक पूरा करना ऊर्जा विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह उपलब्धि केवल तकनीकी क्षमता का ही नहीं, बल्कि पूरी टीम की तैयारी, बेहतर निगरानी और मजबूत बिजली नेटवर्क का भी नतीजा है। आने वाले समय में बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
आगे भी बढ़ेगी बिजली की मांग
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में बिहार में बिजली की खपत और तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई ट्रांसमिशन लाइनें तैयार करने और वितरण व्यवस्था को और आधुनिक बनाने पर लगातार निवेश किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग का लक्ष्य है कि भविष्य में रिकॉर्ड स्तर की मांग होने पर भी उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली मिलती रहे।
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