By Malay Ojha | Published: 30 August 2026 at 09:29 AM
उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस 13 साल लंबे सफर को विराम दिया है। फिलहाल वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं।
दिव्या मित्तल ने अपने पोस्ट में अपने सफर को याद करते हुए बताया कि साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने बेहतर जिंदगी का सपना देखा था। कड़ी मेहनत के बाद IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई की और इसके बाद लंदन में नौकरी मिली। वहां अच्छी नौकरी और सुविधाओं के बावजूद उन्हें अपने देश से दूर रहना खलता था।
देश लौटने का सपना उन्हें वापस ले आया
उन्होंने लिखा कि उनकी पढ़ाई, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला इसी देश की मिट्टी से मिला था। इसी एहसास के साथ उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। इसके बाद उन्हें IAS अधिकारी के रूप में देश और लोगों के लिए काम करने का मौका मिला।
देवरिया और मिर्जापुर से मिली बड़ी सीख
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक सफर के दौरान देवरिया और मिर्जापुर में काम करने के अनुभवों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। वहीं मिर्जापुर ने उन्हें यह समझाया कि किसी काम को असंभव मान लेना हमेशा सही नहीं होता।
लोगों की जिंदगी में बदलाव को बताया असली संतोष
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान सबसे ज्यादा खुशी उन लोगों के चेहरों पर मिली, जिन्हें सरकारी मदद से नई उम्मीद मिली। किसी परिवार को जमीन का अधिकार मिलना, किसी दिव्यांग को सम्मान के साथ जीने का मौका मिलना या किसी किसान के खेत तक पानी पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धियां रहीं। उन्होंने कहा कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है और उसकी गरिमा का ख्याल रखना ही असली न्याय है।
लहुरिया दह की बुजुर्ग महिला को किया याद
दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरिया दह गांव की एक बुजुर्ग महिला का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने के बाद उस बुजुर्ग महिला ने कुछ नहीं कहा, बल्कि कांपते हाथों से उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। दिव्या ने लिखा कि पद आज छूट गया, लेकिन वह स्पर्श और उस दिन का एहसास जीवन भर उनके साथ रहेगा।
बोलीं- देने आई थी, लेकिन सबसे ज्यादा मैंने पाया
दिव्या मित्तल ने अपने पोस्ट में लिखा कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह लोगों को कुछ देने के लिए आई हैं, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने खुद लोगों से कहीं ज्यादा पाया। उन्होंने जनता के प्यार, भरोसे और अपनापन को अपनी सबसे बड़ी कमाई बताया। साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का भी उन्होंने आभार जताया।
13 साल का सफर यादों के साथ खत्म
इस्तीफे की जानकारी देते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि आज उनकी आंखें आभार से नम हैं। उन्होंने साफ किया कि पद भले ही छूट गया हो, लेकिन देश के लिए देखा गया सपना अभी भी उनके साथ है। उनका यह भावुक संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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