By Malay Ojha | Published: 15 June 2026 at 08:51 AM
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो गई। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बोर्डिंग गेट का फीता काटकर इस ऐतिहासिक सेवा का शुभारंभ किया। पहली उड़ान के साथ ही एयरपोर्ट ने देश के सबसे बड़े एविएशन हब बनने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। खास बात यह रही कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों को इस मौके पर विशेष सम्मान दिया गया।
सुबह निर्धारित समय पर पहली उड़ान लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट पहुंची। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विमानन क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।
किसानों के सम्मान ने खींचा सबका ध्यान
उद्घाटन समारोह का सबसे भावुक और चर्चित पल तब आया, जब एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले करीब 170 किसानों को विशेष विमान से लखनऊ भेजने की व्यवस्था की गई। इन किसानों के साथ जनप्रतिनिधि और एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई। एयरपोर्ट परियोजना में योगदान देने वाले किसानों को सरकार की ओर से विशेष सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के बाद वही विमान किसानों को वापस जेवर लेकर लौटा।
भारतीय संस्कृति की झलक देगा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान के रूप में भी विकसित किया गया है। टर्मिनल भवन के अंदर यात्रियों को वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है टर्मिनल
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। डिजी यात्रा सुविधा के जरिए यात्रियों को बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चेहरे की पहचान के आधार पर प्रवेश और बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
यात्रा होगी तेज और आसान
हाई स्पीड एस्केलेटर, आधुनिक लिफ्ट, उन्नत बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और डिजिटल सेवाओं के जरिए यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देने की तैयारी की गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि यहां यात्रियों को कम समय में बेहतर सुविधा मिलेगी।
लखनऊ और जेवर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
जेवर और लखनऊ के बीच हवाई सेवा की शुरुआत क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। दोनों शहरों के बीच हवाई यात्रा अब लगभग एक घंटे में पूरी हो सकेगी। नियमित उड़ानों के संचालन से व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा के लिए कई स्तरों की व्यवस्था
एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीआईएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से निगरानी करेंगी। पूरे परिसर में एआई तकनीक से लैस कैमरे और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।
पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस
एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। सौर और पवन ऊर्जा के जरिए एयरपोर्ट की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में लगभग आधी ऊर्जा जरूरतें हरित ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश के लिए क्यों खास है यह एयरपोर्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य में देश के सबसे महत्वपूर्ण हवाई केंद्रों में शामिल किए जाने की योजना है। इसके शुरू होने से न केवल यात्रियों को नई सुविधा मिलेगी, बल्कि रोजगार, उद्योग, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। यही वजह है कि इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है।

