By Malay Ojha | Published: 05 October 2026 at 03:23 PM
बिहार सरकार ने पूर्व राज्यपाल और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे उनके योगदान के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आने वाली पीढ़ियों को जानने का मौका
संजय सरावगी ने कहा कि कैलाशपति मिश्र के नाम और काम को सरकारी स्तर पर याद किया जाना उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है। उनके मुताबिक, राजकीय समारोह के जरिए नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, सेवा और संगठन के लिए किए गए कामों को जानने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्र निर्माण और संगठन को समर्पित रहा जीवन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जयंती पर कैलाशपति मिश्र को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और संगठन को मजबूत करने में लगाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कैलाशपति मिश्र की सादगी, अनुशासन और समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
बिहार से देश तक संगठन में निभाई भूमिका
संजय सरावगी के मुताबिक, कैलाशपति मिश्र ने बिहार के साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। कार्यकर्ताओं के साथ उनका जुड़ाव और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
सरकारी स्तर पर अब हर साल होगा आयोजन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैलाशपति मिश्र की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन के प्रति योगदान को याद किया। सरकार के फैसले के मुताबिक, 2027 से उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
गुजरात के राज्यपाल भी रहे कैलाशपति मिश्र
कैलाशपति मिश्र बिहार सरकार में मंत्री रहने के साथ गुजरात के राज्यपाल की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। भाजपा से उनके लंबे जुड़ाव और संगठन निर्माण में भूमिका के कारण पार्टी के भीतर उन्हें प्रमुख संगठनकर्ताओं में गिना जाता है।
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