By Malay Ojha | Published: 10 June 2026 at 10:41 AM
पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में अदालत के फैसले के बाद भी हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। सिविल कोर्ट ने खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैसल खान उर्फ खान सर की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जबकि ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। अदालत के इस आदेश के बाद अब सभी की नजर मामले की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की दिशा पर टिकी हुई है।
अदालत के आदेश ने फिलहाल दोनों पक्षों की स्थिति अलग-अलग कर दी है। एक ओर खान सर को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर रौशन आनंद को न्यायिक हिरासत में रहना पड़ रहा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अब आगे की सुनवाई में पुलिस की केस डायरी और जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
खान सर को क्यों मिली राहत?
फैसल खान ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान उनके पक्ष ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। साथ ही पुलिस को मामले से जुड़े दस्तावेज और केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
रौशन आनंद को नहीं मिली जमानत
दूसरी ओर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद ने भी राहत की उम्मीद में जमानत याचिका दायर की थी। उनके वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उन पर लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के नहीं हैं और मामले में दर्ज अधिकांश धाराएं जमानती हैं। हालांकि अदालत इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई और जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
दो जून की घटना से शुरू हुआ था विवाद
पूरा विवाद दो जून की रात सामने आया था। आरोप है कि कुछ लोगों ने पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, पत्थरबाजी की और संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद मामला तेजी से बढ़ा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
फायरिंग के आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब खान सर के सुरक्षा कर्मियों पर गोली चलाने के आरोप लगे। पुलिस जांच के दौरान इस पहलू को भी शामिल किया गया। इसके बाद पुलिस ने संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। इसी घटनाक्रम के बाद मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया।
कई लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कदमकुआं थाने में दर्ज प्राथमिकी में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि 15 से 20 लोगों का समूह कथित तौर पर संस्थान पहुंचा था और वहां तोड़फोड़ की थी। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
छात्रों के बीच भी छिड़ी बहस
कोचिंग जगत से जुड़े इस विवाद ने छात्रों का भी ध्यान खींचा है। सामाजिक माध्यमों पर मामले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। कई छात्र अदालत के फैसले के बाद भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
रौशन आनंद के समर्थन में प्रदर्शन की तैयारी
रौशन आनंद के समर्थकों ने उनकी रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में पटना में आक्रोश मार्च निकाला जा सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव अगली सुनवाई है। अदालत के समक्ष पुलिस केस डायरी पेश करेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। खान सर को मिली राहत स्थायी नहीं है और अंतिम फैसला अभी बाकी है। वहीं रौशन आनंद की कानूनी टीम भी आगे की रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है।
शिक्षा जगत की नजर इस मामले पर
पटना का यह विवाद अब केवल दो कोचिंग संस्थानों के बीच का मामला नहीं रह गया है। शिक्षा जगत, अभिभावकों और छात्रों की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की प्रगति से ही तय होगा कि यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ता है।

