By Malay Ojha | Published: 02 August 2026 at 08:53 PM
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को चल रही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक हंगामा हो गया। एक व्यक्ति के वहां पहुंचने और सांसद की ओर जूता फेंके जाने के बाद अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। घटना के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि वह व्यक्ति चाकू लेकर उनकी हत्या करने के इरादे से आया था। सांसद के इस आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है। घटना का वीडियो भी सामाजिक मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
सांसद ने कहा- मुझे मारने की साजिश थी
घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा कि उनके घर में कोई व्यक्ति इस तरह कैसे घुस सकता है और उन पर हमला करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि हमलावर चाकू लेकर आया था और उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। सांसद ने यह भी कहा कि उन्हें पहले से धमकियां मिल रही हैं और इस संबंध में वह कई बार प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया
हंगामे के दौरान सांसद के समर्थकों ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है। घटना को लेकर पुलिस की ओर से जांच शुरू किए जाने की जानकारी है। कुछ रिपोर्टों में चाकू बरामद होने का भी दावा किया गया है, हालांकि पूरे मामले की तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी सांसद के आवास तक कैसे पहुंचा और उसके पास वास्तव में कोई धारदार हथियार था या नहीं। ([India][2])
पप्पू यादव बोले- मैं डरने वाला नहीं हूं
घटना के बाद सांसद ने अपने बयान में कहा कि अगर कोई उन्हें मारना चाहता है तो वह इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। पप्पू यादव ने कहा कि कुछ लोग उन्हें जान से मारने और जला देने जैसी धमकियां दे रहे थे। सांसद ने इस पूरी घटना को अपनी हत्या की साजिश से जोड़ते हुए कहा कि वह इस हमले में बच गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तव में क्या मकसद था।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद पप्पू यादव के साथ मौजूद लोगों ने सांसद की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। समर्थकों का आरोप था कि जब एक व्यक्ति सांसद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच पहुंचकर हंगामा कर रहा था, तब उसे रोकने में सुरक्षा व्यवस्था नाकाम रही। समर्थकों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच आखिर कैसे पहुंचा युवक?
इस पूरे घटनाक्रम ने सांसद की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पप्पू यादव अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां पहुंचा और कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने सांसद की तरफ जूता फेंका। इसके बाद सांसद के समर्थक उस व्यक्ति पर टूट पड़े और उसे पकड़ लिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।
चढ़ावा चोरी के प्रदर्शन के बाद बढ़ा था विवाद
पप्पू यादव पर हुई इस घटना को हाल के दिनों में उनके एक राजनीतिक प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। मानसून सत्र के दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं के साथ संसद परिसर में अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर एक पुजारी की भूमिका में नजर आए थे। प्रदर्शन में दान पेटी और चढ़ावे को लेकर नाटकीय अंदाज में विरोध दर्ज कराया गया था। इस प्रदर्शन के बाद धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कई जगह शिकायतें और प्राथमिकी दर्ज होने की खबर सामने आई थी।
भगवा कपड़ों में प्रदर्शन को लेकर हुआ था विरोध
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन को लेकर हिंदू संगठनों और संत समाज के कुछ वर्गों ने कड़ी नाराजगी जताई थी। विरोध करने वालों का आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान भगवा वस्त्र और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल आपत्तिजनक तरीके से किया गया। वहीं, पप्पू यादव और उनके समर्थकों का कहना था कि यह प्रदर्शन राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों की ओर ध्यान खींचने के लिए किया गया था। इस विवाद के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।
अब हमले के दावे की जांच पर टिकी नजर
पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे के बाद अब पुलिस जांच पर सबकी नजर है। सांसद ने जहां इसे हत्या की साजिश बताते हुए चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में जूता फेंके जाने की घटना का जिक्र है। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाना अहम होगा कि आरोपी का मकसद क्या था, वह सांसद के आवास तक कैसे पहुंचा और क्या उसके पास वास्तव में चाकू था। पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
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