By Malay Ojha | Published: 18 August 2026 at 10:08 PM
राजद नेता तेजस्वी यादव के बुधवार को प्रस्तावित लोक भवन मार्च को लेकर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस मार्च को छात्र हित से जुड़ा आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसे तेजस्वी यादव का ‘राजनीतिक करियर बचाओ मार्च’ करार दिया। सरावगी ने दावा किया कि राजद के भीतर तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर नाराजगी बढ़ रही है और इसी वजह से अब पार्टी को लोगों को मार्च से जोड़ने के लिए लालू प्रसाद यादव को सामने लाना पड़ा है।
संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस छात्र आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं, उस समय उनकी भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, तब तेजस्वी यादव बिहार में मौजूद नहीं थे। उनका आरोप है कि उस दौरान तेजस्वी विदेश दौरे पर थे और अब उन्हीं मुद्दों को लेकर मार्च के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
‘तेजस्वी के नेतृत्व पर भरोसा कमजोर’
भाजपा नेता ने राजद के भीतर की स्थिति को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर पार्टी में नाराजगी अब छिपी हुई बात नहीं रह गई है। सरावगी का कहना है कि अगर तेजस्वी की अगुवाई में लोगों को जोड़ने और आंदोलन खड़ा करने का पूरा भरोसा होता तो प्रस्तावित मार्च के लिए लालू प्रसाद यादव को खुद लोगों से शामिल होने की अपील नहीं करनी पड़ती।
छात्र मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई का दावा
संजय सरावगी ने कहा कि जिन छात्र और युवा मुद्दों को आधार बनाकर तेजस्वी यादव मार्च निकालने जा रहे हैं, उनमें से कई पर राज्य सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है। उनके अनुसार, छात्रों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से पहल की गई और संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया गया। ऐसे में पुराने या हल हो चुके मुद्दों को फिर से राजनीतिक मुद्दा बनाना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।
शिक्षकों की भर्ती का भी दिया उदाहरण
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने रोजगार के सवाल पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है और युवाओं को रोजगार देने के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का जोर है। हाल में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के लिए 32,388 पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। इन पदों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक शामिल हैं।
‘नारे नहीं, काम देखती है जनता’
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता अब केवल राजनीतिक नारों और आरोप-प्रत्यारोप से प्रभावित होने वाली नहीं है। उनके मुताबिक, आज युवा रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर सरकार से ठोस काम की उम्मीद करते हैं। ऐसे में विपक्ष की ओर से केवल मार्च और बयानबाजी करने के बजाय यह भी बताया जाना चाहिए कि उसने अपने राजनीतिक कार्यकाल में युवाओं के लिए क्या ठोस काम किया।
‘मार्च से नहीं मिलेगा जनता का भरोसा’
संजय सरावगी ने कहा कि केवल सड़क पर उतरने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, बिहार के लोग अब काम का हिसाब और उसके नतीजे देखना चाहते हैं। उन्होंने राजद और तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय जनता के बीच यह बताने की जरूरत है कि युवाओं, छात्रों और रोजगार के लिए उनकी ठोस योजना क्या है।
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