Thursday, June 4, 2026

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मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बीच स्वास्थ्य मंत्री चले गए दिल्ली! 4 मौतों के बाद विपक्ष ने पूछा- आखिर इतनी क्या थी जल्दी?

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 06:03 PM

मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भीषण आग लगने से 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई मरीज झुलस गए। हादसे के बाद जहां प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा रहा, वहीं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दिल्ली रवाना होने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हादसे के बाद मंत्री घटनास्थल पर जाने के बजाय राजधानी से बाहर क्यों चले गए।

अस्पताल में आग लगने की घटना गुरुवार तड़के सामने आई थी। कुछ ही घंटों के भीतर स्वास्थ्य मंत्री का दिल्ली के लिए रवाना होना विपक्ष को हमला करने का मौका दे गया। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे संवेदनहीनता बताते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि जब राज्य में इतना बड़ा हादसा हुआ था, तब स्वास्थ्य मंत्री को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेना चाहिए था।

कई घंटे तक नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री की ओर से शुरुआती घंटों में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसी बात को लेकर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए। विपक्ष का कहना है कि हादसे के बाद मंत्री की पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों और घायलों की स्थिति का जायजा लेना होना चाहिए था।

तड़के लगी आग, चार मरीजों की मौत
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने गहन चिकित्सा कक्ष में गुरुवार तड़के अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। प्रशासन के अनुसार हादसे में 4 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए।

मरीजों को निकालने में आई भारी परेशानी
जिलाधिकारी ने बताया कि जिस समय आग लगी, उस समय गहन चिकित्सा कक्ष में करीब 13 से 15 मरीज भर्ती थे। धुएं के कारण मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया। राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर कई मरीजों को बाहर निकाला और उन्हें दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका
अस्पताल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। अधिकारियों के मुताबिक आग की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं
जांच अधिकारियों का कहना है कि कुछ मरीजों और प्रभावित लोगों की स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। यही वजह है कि प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
स्वास्थ्य मंत्री की दिल्ली यात्रा को लेकर आरजेडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद मंत्री घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में चल रहे अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सामाजिक माध्यम पर पोस्ट साझा करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि घायल मरीजों के इलाज तथा सुरक्षा के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान
दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गहन चिकित्सा कक्ष जैसे संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या तकनीकी खराबी की वजह से हुआ।

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मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बीच स्वास्थ्य मंत्री चले गए दिल्ली! 4 मौतों के बाद विपक्ष ने पूछा- आखिर इतनी क्या थी जल्दी?

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 06:03 PM

मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भीषण आग लगने से 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई मरीज झुलस गए। हादसे के बाद जहां प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा रहा, वहीं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दिल्ली रवाना होने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हादसे के बाद मंत्री घटनास्थल पर जाने के बजाय राजधानी से बाहर क्यों चले गए।

अस्पताल में आग लगने की घटना गुरुवार तड़के सामने आई थी। कुछ ही घंटों के भीतर स्वास्थ्य मंत्री का दिल्ली के लिए रवाना होना विपक्ष को हमला करने का मौका दे गया। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे संवेदनहीनता बताते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि जब राज्य में इतना बड़ा हादसा हुआ था, तब स्वास्थ्य मंत्री को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेना चाहिए था।

कई घंटे तक नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री की ओर से शुरुआती घंटों में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसी बात को लेकर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए। विपक्ष का कहना है कि हादसे के बाद मंत्री की पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों और घायलों की स्थिति का जायजा लेना होना चाहिए था।

तड़के लगी आग, चार मरीजों की मौत
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने गहन चिकित्सा कक्ष में गुरुवार तड़के अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। प्रशासन के अनुसार हादसे में 4 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए।

मरीजों को निकालने में आई भारी परेशानी
जिलाधिकारी ने बताया कि जिस समय आग लगी, उस समय गहन चिकित्सा कक्ष में करीब 13 से 15 मरीज भर्ती थे। धुएं के कारण मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया। राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर कई मरीजों को बाहर निकाला और उन्हें दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका
अस्पताल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। अधिकारियों के मुताबिक आग की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं
जांच अधिकारियों का कहना है कि कुछ मरीजों और प्रभावित लोगों की स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। यही वजह है कि प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
स्वास्थ्य मंत्री की दिल्ली यात्रा को लेकर आरजेडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद मंत्री घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में चल रहे अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सामाजिक माध्यम पर पोस्ट साझा करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि घायल मरीजों के इलाज तथा सुरक्षा के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान
दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गहन चिकित्सा कक्ष जैसे संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या तकनीकी खराबी की वजह से हुआ।

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