Friday, June 12, 2026

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बिहार में बिजली मांग बढ़ने पर अलर्ट! ऊर्जा मंत्री ने कंट्रोल सेंटर पहुंचकर अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

By Malay Ojha | Published: 11 June 2026 at 06:59 PM

बिहार में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच राज्य सरकार ने बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। गुरुवार को ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने पटना स्थित राज्य लोड डिस्पैच केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में बिजली की मांग और बढ़ सकती है, इसलिए सभी स्तरों पर पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बिना रुकावट बिजली मिलती रहे।

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने राज्य में बिजली की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किस तरह पूरे राज्य में बिजली की खपत पर लगातार नजर रखी जाती है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति का प्रबंधन किया जाता है। मंत्री ने बिजली व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा।

ग्रिड संचालन और रियल टाइम निगरानी पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने राज्य में संचालित ग्रिड व्यवस्था, बिजली प्रवाह की निगरानी और विभिन्न नियंत्रण प्रणालियों की जानकारी भी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से पूरे राज्य में बिजली की मांग और उपलब्धता पर हर समय नजर रखी जाती है। इससे जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेकर बिजली आपूर्ति को सुचारु रखा जाता है।

बिजली आपूर्ति में बाधा न आए, अधिकारियों को निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली मांग में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सभी आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

संचरण नेटवर्क की भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने राज्य के विभिन्न स्तरों के ग्रिड उपकेंद्रों और बिजली संचरण लाइनों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक बिजली पहुंचाने वाली व्यवस्थाएं किस तरह काम कर रही हैं और भविष्य में बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं।

अधिकारियों ने दी बिजली प्रबंधन की जानकारी
अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि राज्य में बिजली उत्पादन केंद्रों, संचरण एजेंसियों और वितरण कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा बिजली की उपलब्धता और खपत के आंकड़ों का लगातार विश्लेषण किया जाता है ताकि किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।

क्यों महत्वपूर्ण है राज्य लोड डिस्पैच केंद्र
राज्य लोड डिस्पैच केंद्र बिहार की बिजली व्यवस्था का सबसे अहम नियंत्रण केंद्र माना जाता है। यहीं से पूरे राज्य में बिजली की उपलब्धता, मांग और वितरण की निगरानी की जाती है। बिजली उत्पादन इकाइयों, संचरण कंपनियों और वितरण एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी इस केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

24 घंटे चलती है निगरानी
पटना स्थित विद्युत भवन में संचालित यह केंद्र चौबीसों घंटे काम करता है। यहां अभियंताओं की अलग-अलग पालियों में तैनाती रहती है, जो राज्य के सभी प्रमुख बिजली उपकेंद्रों से लगातार संपर्क बनाए रखते हैं। वास्तविक मांग और उपलब्ध बिजली के आधार पर पूरे बिजली तंत्र का संचालन किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष बल
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बिजली व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए तथा तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि बिहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके।

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बिहार में बिजली मांग बढ़ने पर अलर्ट! ऊर्जा मंत्री ने कंट्रोल सेंटर पहुंचकर अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

By Malay Ojha | Published: 11 June 2026 at 06:59 PM

बिहार में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच राज्य सरकार ने बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। गुरुवार को ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने पटना स्थित राज्य लोड डिस्पैच केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में बिजली की मांग और बढ़ सकती है, इसलिए सभी स्तरों पर पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बिना रुकावट बिजली मिलती रहे।

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने राज्य में बिजली की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किस तरह पूरे राज्य में बिजली की खपत पर लगातार नजर रखी जाती है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति का प्रबंधन किया जाता है। मंत्री ने बिजली व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा।

ग्रिड संचालन और रियल टाइम निगरानी पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने राज्य में संचालित ग्रिड व्यवस्था, बिजली प्रवाह की निगरानी और विभिन्न नियंत्रण प्रणालियों की जानकारी भी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से पूरे राज्य में बिजली की मांग और उपलब्धता पर हर समय नजर रखी जाती है। इससे जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेकर बिजली आपूर्ति को सुचारु रखा जाता है।

बिजली आपूर्ति में बाधा न आए, अधिकारियों को निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली मांग में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सभी आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

संचरण नेटवर्क की भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने राज्य के विभिन्न स्तरों के ग्रिड उपकेंद्रों और बिजली संचरण लाइनों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक बिजली पहुंचाने वाली व्यवस्थाएं किस तरह काम कर रही हैं और भविष्य में बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं।

अधिकारियों ने दी बिजली प्रबंधन की जानकारी
अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि राज्य में बिजली उत्पादन केंद्रों, संचरण एजेंसियों और वितरण कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा बिजली की उपलब्धता और खपत के आंकड़ों का लगातार विश्लेषण किया जाता है ताकि किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।

क्यों महत्वपूर्ण है राज्य लोड डिस्पैच केंद्र
राज्य लोड डिस्पैच केंद्र बिहार की बिजली व्यवस्था का सबसे अहम नियंत्रण केंद्र माना जाता है। यहीं से पूरे राज्य में बिजली की उपलब्धता, मांग और वितरण की निगरानी की जाती है। बिजली उत्पादन इकाइयों, संचरण कंपनियों और वितरण एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी इस केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

24 घंटे चलती है निगरानी
पटना स्थित विद्युत भवन में संचालित यह केंद्र चौबीसों घंटे काम करता है। यहां अभियंताओं की अलग-अलग पालियों में तैनाती रहती है, जो राज्य के सभी प्रमुख बिजली उपकेंद्रों से लगातार संपर्क बनाए रखते हैं। वास्तविक मांग और उपलब्ध बिजली के आधार पर पूरे बिजली तंत्र का संचालन किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष बल
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बिजली व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए तथा तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि बिहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके।

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