By Malay Ojha | Published: 13 June 2026 at 05:02 PM
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट का मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है। इस पूरे विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि बेटियों के सम्मान के साथ किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो लोग मर्यादा की सीमा पार करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जैसे ही अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की जानकारी उन्हें मिली, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि दूसरों को सलाह देने से पहले नेताओं को अपने समर्थकों को भी भाषा और व्यवहार की मर्यादा सिखानी चाहिए। योगी ने कहा कि यदि कोई अपने समर्थकों को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है तो सरकार ऐसे लोगों को कानून का महत्व समझाने में सक्षम है।
“भाषा पर संयम जरूरी”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को भी अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
भारतीय परंपरा का दिया उदाहरण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमारे यहां बेटियों को विशेष सम्मान देने की परंपरा रही है। गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी मानी जाती है और उसके सम्मान की जिम्मेदारी पूरे समाज की होती है। ऐसे में किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना सामाजिक मूल्यों के विपरीत है।
सरकार की योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार बेटियों के उत्थान और सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक बेटियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिले।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर अदिति यादव को लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी। आरोप है कि पोस्ट में भ्रामक और आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
कानपुर में दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले को लेकर कानपुर के साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर अदिति यादव को निशाना बनाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता और अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव का आरोप है कि यह केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट का मामला नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से छवि खराब करने का प्रयास किया गया। शिकायत में कहा गया कि नौ जून को वायरल हुई पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लगातार भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेटियों के सम्मान को सर्वोच्च बताते हुए सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है, वहीं विपक्ष इस मामले को राजनीतिक नजरिए से भी देख रहा है। अब पुलिस जांच की दिशा और आने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

