By Malay Ojha | Published: 15 June 2026 at 08:18 AM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इस संभावित डील का सबसे बड़ा असर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ सकता है, जिसे दोबारा खोलने का रास्ता साफ होने की बात कही जा रही है। अगर यह समझौता तय शर्तों के मुताबिक आगे बढ़ता है तो वर्षों से तनावपूर्ण रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार के दौरान तैयार किया गया प्रस्तावित समझौता पहले हुए समझौतों से अलग होगा। उन्होंने दावा किया कि यह व्यवस्था ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए ज्यादा सख्त और प्रभावी साबित होगी।
पुराने समझौते से की सीधी तुलना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए परमाणु समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली व्यवस्था में कई कमजोरियां थीं, जबकि नया प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ज्यादा मजबूत नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। ट्रंप का कहना है कि सुरक्षा और निगरानी के मामलों में इस बार ज्यादा कड़े प्रावधान रखे गए हैं।
ईरानी मीडिया ने साझा कीं संभावित शर्तें
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत कुछ प्रमुख शर्तों पर आधारित है। हालांकि इन शर्तों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट में कई बड़े आर्थिक और रणनीतिक बिंदुओं का जिक्र किया गया है।
तेल और व्यापार पर राहत की संभावना
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े निर्यात पर लगी कई पाबंदियां हटाई जा सकती हैं। इसके साथ ही ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों तक फिर से पहुंच मिलने की संभावना भी जताई गई है। माना जा रहा है कि इससे ईरानी अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।
अरबों डॉलर की राशि जारी करने का प्रस्ताव
संभावित समझौते में ईरान की फ्रीज की गई करीब 24 अरब डॉलर की राशि जारी करने का भी प्रस्ताव बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत की प्रक्रिया के दौरान यह रकम चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकती है। इसमें एक बड़ा हिस्सा शुरुआती दौर में जारी किए जाने की बात कही गई है।
पुनर्निर्माण के लिए भारी निवेश की चर्चा
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए सैकड़ों अरब डॉलर की योजनाएं पेश करनी पड़ सकती हैं। इससे बुनियादी ढांचे, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
युद्धविराम पर भी जोर
संभावित शर्तों में लेबनान समेत कई मोर्चों पर संघर्ष रोकने की बात शामिल बताई जा रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय तनाव कम करने और स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाने पर भी चर्चा हुई है।
सैन्य गतिविधियों में कमी का प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती नहीं बढ़ाने और नई पाबंदियां नहीं लगाने पर सहमत हो सकता है। वहीं ईरान के आसपास मौजूद कुछ सैन्य गतिविधियों में भी कमी लाने की बात सामने आई है।
होर्मुज पर दुनिया की नजर
इस पूरे समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य को माना जा रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समझौते के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर इस मार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
परमाणु कार्यक्रम पर क्या होगा?
संभावित समझौते के तहत ईरान परमाणु अप्रसार संधि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रतिरोध समूहों को मिलने वाला समर्थन इस समझौते का हिस्सा नहीं होगा।
अंतिम बातचीत से पहले पूरी करनी होंगी शर्तें
रिपोर्ट के अनुसार अंतिम दौर की बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक कुछ शुरुआती शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। इनमें वित्तीय राशि जारी करना, तेल संबंधी पाबंदियां हटाना और नाकेबंदी समाप्त करना शामिल बताया गया है।
दुनिया भर की निगाहें रविवार पर
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि रविवार को वास्तव में कोई औपचारिक समझौता होता है या नहीं। यदि यह डील तय होती है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम एशिया की राजनीति, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी दिखाई दे सकता है।

