By Malay Ojha | Published: 15 June 2026 at 09:57 PM
पटना के चर्चित कोचिंग विवाद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐसा बयान दिया है जिसकी चर्चा पूरे राज्य में शुरू हो गई है। खान सर और रौशन आनंद के विवाद पर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहां छात्रों को कोचिंग सेंटरों पर निर्भर न रहना पड़े और सरकारी स्कूल ही बेहतर शिक्षा का केंद्र बनें।
गया दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें छात्रों को अलग से कोचिंग सेंटर जाने की आवश्यकता महसूस न हो। उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को इतना मजबूत बनाया जाएगा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सीधे संस्थानों में ही उपलब्ध हो सके।
मॉडल स्कूलों को लेकर रखा विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने कहा कि उनका सपना तभी पूरा माना जाएगा जब एक ही स्कूल में आम परिवार के बच्चों के साथ नेता, अधिकारी और डॉक्टरों के बच्चे भी पढ़ाई करें।
खान सर-रौशन आनंद विवाद के बीच बढ़ी चर्चा
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पटना के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों को लेकर विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। खान सर और रौशन आनंद दोनों ही युवाओं के बीच लोकप्रिय शिक्षक माने जाते हैं। ऐसे माहौल में कोचिंग व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने नई बहस छेड़ दी है।
गया में 170 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास
गया पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है और शिक्षा, उद्योग तथा तकनीक के क्षेत्र में लगातार नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
विकास कार्यों का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने बताया कि जहां पहले सीमित परिवारों तक बिजली पहुंची थी, वहीं अब करोड़ों घरों तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।
कानून व्यवस्था पर भी दिखाई सख्ती
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है।
बिहार को आगे बढ़ाने की बात
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, खेल और आधारभूत ढांचे पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से भी विकास की इस प्रक्रिया में भागीदारी निभाने की अपील की।
खेल और आधारभूत ढांचे पर फोकस
मुख्यमंत्री ने खिजरसराय क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराएगी। प्रौद्योगिकी केंद्र के आसपास सड़क और खेल सुविधाओं के विकास पर भी काम किया जाएगा।
शिक्षा मॉडल पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री का यह बयान केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार के विजन को भी दर्शाता है। हालांकि कोचिंग उद्योग और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच इस विषय पर अलग-अलग राय सामने आ सकती है।

