By Malay Ojha | Published: 15 June 2026 at 09:43 PM
जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार लौटने के बाद उनकी वाई-प्लस सुरक्षा हटा दी गई और सिर्फ एक सुरक्षाकर्मी दिया गया। इसके विरोध में उन्होंने बची हुई सुरक्षा भी वापस कर दी और साफ कहा कि अगर भविष्य में उन पर कोई हमला होता है या जान को खतरा पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार की होगी।
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि राज्य से बाहर रहने के दौरान उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन बिहार लौटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया। उनका आरोप है कि पहले की तुलना में उन्हें काफी कम सुरक्षा दी गई।
सरकार पर सीधे लगाया जिम्मेदारी का आरोप
तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें केवल एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया था, जिसे उन्होंने वापस कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब वह किसी तरह की सरकारी सुरक्षा नहीं लेना चाहते। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
‘नेताओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी’
उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक नेता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व होता है। उनके मुताबिक उनकी सुरक्षा में कटौती किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उनकी वाई-प्लस सुरक्षा वापस ले ली गई।
महिलाओं की सुरक्षा को बनाया बड़ा मुद्दा
सुरक्षा विवाद के बीच तेज प्रताप यादव ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल नेताओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम लोगों और खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
‘महिलाएं सुरक्षित रहें, वही सबसे बड़ी सुरक्षा’
तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा की चिंता नहीं है। उनका कहना था कि यदि राज्य की महिलाएं सुरक्षित हैं तो वही किसी भी समाज और लोकतंत्र की सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जाएगी। उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
समर्थकों ने भी उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। समर्थकों का कहना है कि यह मुद्दा पहले से सरकार के संज्ञान में था और इस पर उचित फैसला लिया जाना चाहिए था।
बिहार की राजनीति में शुरू हुई नई बहस
राजनीतिक गलियारों में तेज प्रताप यादव के बयान के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दल इस मामले को सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
तेज प्रताप यादव द्वारा सुरक्षा लौटाए जाने के बाद अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल सुरक्षा को लेकर दिया गया उनका बयान बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है।

