By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 09:21 AM
दुनिया की सबसे पहचान वाली पिज्जा चेन में शामिल पिज्जा हट अब नए मालिकों के हाथों में जाने वाली है। इसकी मूल कंपनी यम ब्रांड्स ने 2.7 अरब डॉलर की बड़ी डील के तहत इस ब्रांड को बेचने का फैसला किया है। लगातार घटती बिक्री, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती ग्राहक पसंद के बीच लिया गया यह फैसला फूड इंडस्ट्री की सबसे चर्चित खबरों में शामिल हो गया है।
यम ब्रांड्स ने बताया है कि पिज्जा हट की बिक्री दो अलग-अलग हिस्सों में पूरी की जाएगी। चीन को छोड़कर दुनिया भर में फैले पिज्जा हट कारोबार को प्राइवेट इक्विटी कंपनी लॉन्ग रेंज कैपिटल करीब 1.5 अरब डॉलर में खरीदेगी। वहीं चीन में मौजूद पिज्जा हट रेस्तरां का नियंत्रण यम चाइना होल्डिंग्स के पास जाएगा, जिसके लिए करीब 1.2 अरब डॉलर की राशि तय की गई है।
चीन का बाजार क्यों है इतना अहम
पिज्जा हट के लिए चीन सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में गिना जाता है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा कारोबार यहीं से आता है। कंपनी की कुल वैश्विक बिक्री में चीन की हिस्सेदारी करीब 19 फीसदी बताई जाती है। यही वजह है कि चीन से जुड़े कारोबार को अलग व्यवस्था के तहत सौंपा जा रहा है।
गिरती बिक्री बनी बड़ी चिंता
पिछले कुछ वर्षों से पिज्जा हट अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रहा था। यम ब्रांड्स की कुल वैश्विक बिक्री में जहां वृद्धि दर्ज की गई, वहीं पिज्जा हट की बिक्री लगातार दबाव में रही। पिछले वर्ष ब्रांड की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी।
कई आउटलेट बंद करने पड़े
इस साल की शुरुआत में कंपनी ने अमेरिका में सैकड़ों रेस्तरां बंद करने की योजना का ऐलान किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रांड को दोबारा मजबूत स्थिति में लाने के लिए बड़े निवेश की जरूरत थी। लेकिन यम ब्रांड्स इस दिशा में आगे बढ़ने के बजाय बिक्री के विकल्प पर सहमत हो गई।
कैसे शुरू हुई थी पिज्जा हट की कहानी
आज दुनिया भर में पहचाने जाने वाला यह ब्रांड बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ था। वर्ष 1958 में दो भाइयों ने अपनी मां से 600 डॉलर उधार लेकर पहला पिज्जा स्टोर खोला था। दुकान के साइनबोर्ड पर सीमित जगह होने के कारण उन्होंने इसका नाम पिज्जा हट रखा था। धीरे-धीरे यह नाम दुनिया के सबसे बड़े पिज्जा ब्रांड्स में शामिल हो गया।
लाल छत बनी थी पहचान
साल 1969 में पिज्जा हट की प्रसिद्ध लाल छत वाली डिजाइन सामने आई, जिसने ब्रांड को अलग पहचान दिलाई। इसके बाद तेजी से विस्तार हुआ और कुछ ही वर्षों में यह दुनिया की सबसे बड़ी पिज्जा चेन बन गई। कई देशों में इसके रेस्तरां सफलता की मिसाल माने जाते थे।
बदलते बाजार ने बढ़ाई मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि पिज्जा हट की सबसे बड़ी चुनौती बदलती ग्राहक आदतें रहीं। पहले जहां लोग परिवार के साथ रेस्तरां में बैठकर खाना पसंद करते थे, वहीं अब घर तक भोजन पहुंचाने वाली सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इस बदलाव का फायदा कई नए और तेज डिलीवरी मॉडल वाले ब्रांड्स को मिला।
डिलीवरी कंपनियों ने बढ़ाया दबाव
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के विस्तार ने भी बाजार की तस्वीर बदल दी। ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलने लगे और प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई। इसी दौरान पिज्जा हट का पारंपरिक रेस्तरां मॉडल महंगा साबित होने लगा, जिसका असर कारोबार पर दिखाई दिया।
महामारी के बाद भी नहीं संभली स्थिति
कोरोना महामारी के दौरान जहां पिज्जा की मांग बढ़ी थी, वहीं पिज्जा हट को कई बाजारों में अपने स्टोर बंद करने पड़े। महामारी के बाद भी कंपनी अपेक्षित रफ्तार से वापसी नहीं कर सकी। विशेषज्ञों के अनुसार, यही कारण है कि आखिरकार यम ब्रांड्स ने इस ऐतिहासिक ब्रांड को बेचने का फैसला लिया।
नए मालिकों के सामने बड़ी चुनौती
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए मालिक पिज्जा हट को दोबारा पुराने गौरव तक पहुंचा पाते हैं या नहीं। ब्रांड की पहचान आज भी मजबूत है, लेकिन बदलते बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई रणनीति और भारी निवेश की जरूरत होगी।

