By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 12:33 PM
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जाने की चर्चाओं के बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में चुनाव अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे। साथ ही दावा किया कि जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर कायम है, इसलिए प्रदेश में लगातार तीसरी बार भी भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है।
एक हिंदी अखबार को दिए इंटरव्यू में केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। जब उनसे समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी अटकलों का कोई ठोस आधार नहीं है। उनके मुताबिक चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे।
भाजपा की जीत को लेकर जताया भरोसा
मौर्य ने कहा कि भाजपा आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना था कि चुनाव समय पर हों या किसी अन्य समय, पार्टी की तैयारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता एक बार फिर भाजपा को समर्थन देगी और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का मौका देगी।
जनगणना को लेकर भी दिया जवाब
डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ लोग जनगणना की प्रक्रिया को चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, आबादी की वास्तविक गणना का कार्यक्रम फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसी वजह से समय से पहले चुनाव की चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि जनगणना चुनाव से पहले भी पूरी की जा सकती है और बाद में भी, इसलिए दोनों प्रक्रियाओं को जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
विपक्ष के दावों पर भी किया पलटवार
केशव मौर्य ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे दावों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर पूरी तरह सक्रिय है और चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है। उनके अनुसार विपक्ष के पास कोई मजबूत मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह की चर्चाओं को हवा दी जा रही है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया था कि प्रदेश में नवंबर 2026 में ही विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा इस संबंध में सर्वे करा रही है और राजनीतिक माहौल को उसी दिशा में तैयार किया जा रहा है।
सपा ने चुनावी तैयारियों का किया दावा
अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि समाजवादी पार्टी किसी भी समय चुनाव का सामना करने के लिए तैयार है। उनका कहना था कि पार्टी से ज्यादा प्रदेश की जनता बदलाव के लिए तैयार दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि समय से पहले चुनाव की चर्चा सत्ता पक्ष की ओर से ही फैलायी जा रही है।
क्यों बढ़ी हैं समय से पहले चुनाव की अटकलें?
राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ समय से इस बात की चर्चा चल रही है कि जनगणना, परिसीमन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को देखते हुए विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग या सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य का बयान इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी चर्चाएं तेज हैं। एक तरफ विपक्ष समय से पहले चुनाव की संभावना जता रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व चुनाव तय समय पर होने की बात कह रहा है। आने वाले महीनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी माहौल और गर्मा सकता है।

