By Malay Ojha | Published: 27 June 2026 at 10:28 PM
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी दोबारा सत्ता में लौटती है तो भविष्य में चुनावों की व्यवस्था ही खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि वह किसी को डरा नहीं रहे हैं, बल्कि पहले भी कई बार इस आशंका को जता चुके हैं।
आजमगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल के चुनाव का उदाहरण सबके सामने है और लोगों को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना कितना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका असर दिखाई देगा।
बीजेपी से मांगा लंबे कार्यकाल का हिसाब
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपने लंबे शासनकाल का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि जनता अब रोजगार, आरक्षण, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछ रही है। उनके मुताबिक प्रदेश के लोग अब यह जानना चाहते हैं कि इतने वर्षों में युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए क्या किया गया।
सत्ता परिवर्तन का दावा
अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की जमीन तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और ‘पीडीए’ के एजेंडे के साथ लोगों के बीच जा रही है। उनका दावा है कि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश को विकास की नई दिशा देने का काम उनकी पार्टी करेगी।
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उनके मुताबिक सरकार ने विशेष जांच दल का गठन तो कर दिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जांच रिपोर्ट किसे सौंपी गई और उसके बाद क्या कार्रवाई हुई।
‘देशभर में है नाराजगी’
अखिलेश यादव ने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में वित्तीय गड़बड़ी की खबर लोगों की भावनाओं को आहत करती है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले को लेकर देशभर में नाराजगी है और सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ सच सामने लाना चाहिए।
डिंपल यादव ने भी उठाए जांच पर सवाल
मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने भी इस मामले में विशेष जांच दल की जांच पर भरोसा नहीं जताया। उन्होंने कहा कि दान में गड़बड़ी की बातें नई नहीं हैं, बल्कि कई वर्षों से इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनके मुताबिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद मंदिर में बड़ी मात्रा में दान आया और ऐसे में पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
स्वतंत्र जांच की मांग
डिंपल यादव ने कहा कि कथित गबन की वास्तविक रकम का सही अनुमान लगाना भी आसान नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी जमीन के सौदों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में केवल विशेष जांच दल की जांच पर्याप्त नहीं मानी जा सकती और पूरे मामले की स्वतंत्र तथा व्यापक जांच होनी चाहिए।
बढ़ी सियासी हलचल
अखिलेश और डिंपल यादव के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा चुनाव से पहले लोकतंत्र, चुनावी व्यवस्था और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

