By Malay Ojha | Published: 21 June 2026 at 06:06 PM
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में सस्पेंड चल रहे शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के एक बयान ने पूरे विवाद को और गहरा कर दिया है। उन्होंने भरत भूषण की मौत को “किस्मत में लिखा हुआ” बताते हुए कहा कि जिसे मरना होता है, उसे कोई नहीं बचा सकता। इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
राजेश मालाकार ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की जान बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि उसकी मौत पहले से तय थी। इस तरह की टिप्पणी को बेहद गैर-जिम्मेदाराना माना जा रहा है और इसी वजह से उन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई को बताया आत्मरक्षा
इस पूरे मामले में सस्पेंड थानाध्यक्ष ने एनकाउंटर को सही ठहराते हुए दावा किया कि पुलिस टीम जब भरत भूषण तिवारी को पकड़ने पहुंची तो उसने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। ऐसे में पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि इसी दौरान हुई गोलीबारी में भरत भूषण को गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई हालात के मुताबिक की गई।
वायरल वीडियो ने खड़े किए गंभीर सवाल
हालांकि इस पूरे मामले पर सवाल भी उठ रहे हैं। जो वीडियो सामने आया है, उसमें दावा किया जा रहा है कि जब भरत भूषण ने हथियार फेंक दिया था, उसके बाद उसे गोली मारी गई। इसी वीडियो को लेकर अब एनकाउंटर की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी आधार पर विपक्ष और स्थानीय लोग इसे संदिग्ध एनकाउंटर बता रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
यह घटना 17 जून की बताई जा रही है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच कथित मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान उसे गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया गया कि भरत भूषण स्थानीय मुद्दों को लेकर पहले से ही पुलिस के संपर्क में था और घटना के समय उसने पहले पुलिस पर हथियार तान दिया था।
सरकार ने बैठाई न्यायिक जांच
मामला तूल पकड़ने के बाद अब सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस पूरे एनकाउंटर की जांच करेंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कई पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस मामले में कार्रवाई करते हुए शाहाबाद क्षेत्र के डीआईजी ने शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक सहायक उप निरीक्षक और कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया है।
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