By Malay Ojha | Published: 22 June 2026 at 05:10 PM
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का ‘काफिर’ शब्द को लेकर दिया गया बयान अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक भूमि पूजन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग उन्हें काफिर मानते हैं तो फिर उन्हें सरकार की बनाई सड़क पर नहीं चलना चाहिए और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस इलाके में सड़क बनाई जा रही है, वहां हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। इसी दौरान उन्होंने ‘काफिर’ शब्द का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग उन्हें और उनकी विचारधारा को काफिर कहते हैं। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर वे सच में काफिर हैं और सरकार ने वहां सड़क बनाई है तो ऐसे लोगों को उस सड़क का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
लाड़ली बहना योजना का भी किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान विजयवर्गीय ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें काफिर मानता है तो फिर उसे सरकार की योजनाओं से मिलने वाला फायदा भी नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर लाड़ली बहना योजना का पैसा किसी के घर पहुंच रहा है और वह सरकार या उन्हें काफिर मानता है, तो उसे वह पैसा भी नहीं लेना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘सबका साथ, सबका विकास’ की भी दिलाई याद
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनकी पार्टी और सरकार ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की रही है।
उन्होंने कहा कि जनता ने वोट दिया हो या नहीं दिया हो, सरकार सभी के लिए समान रूप से काम करती है और विकास योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
बयान के बाद शुरू हुई सियासी चर्चा
विजयवर्गीय का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग उनके बयान का समर्थन कर रहा है, जबकि कुछ लोग इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर दिए गए इस तरह के बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।
पहले भी बेबाक बयानों से चर्चा में रहे हैं विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक अंदाज और तीखे बयानों के लिए पहले भी कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। उनके कई पुराने बयान भी राजनीतिक विवाद का कारण बने हैं। इस बार ‘काफिर’ शब्द को लेकर दिया गया उनका बयान फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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