By Malay Ojha | Published: 27 June 2026 at 01:42 PM
महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुरू होने से ठीक एक दिन पहले पेपर लीक होने की आशंका सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा को स्थगित कर दिया है। इस परीक्षा में चार लाख 28 हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल होने वाले थे, लेकिन अचानक सामने आए इस मामले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, ठाणे जिले में कुछ लोगों के पास ऐसे प्रश्नपत्र मिले हैं, जिन्हें टीईटी परीक्षा का असली पेपर बताया जा रहा है। इस सूचना के सामने आते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया। अब यह जांच की जा रही है कि बरामद प्रश्नपत्र वास्तव में परीक्षा का असली पेपर है या फिर किसी कोचिंग संस्थान का मॉक टेस्ट।
शिक्षा विभाग कर रहा है जांच
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रश्नपत्रों की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद पेपर और परीक्षा के लिए तैयार किए गए मूल प्रश्नपत्र में कोई समानता है या नहीं। यदि दोनों पेपर एक जैसे पाए जाते हैं, तो मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू होगी।
परीक्षा स्थगित, नई तारीख का इंतजार
पेपर लीक की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने फिलहाल टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। हालांकि अभी तक इस मामले पर पुलिस या शिक्षा विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
लाखों अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
इस परीक्षा के जरिए राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने का रास्ता खुलता है। ऐसे में परीक्षा स्थगित होने से लाखों उम्मीदवारों की तैयारी और भविष्य दोनों पर असर पड़ा है। कई अभ्यर्थी दूर-दराज के जिलों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार यात्रा पर निकल भी चुके थे।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहली बार नहीं है जब टीईटी परीक्षा विवादों में आई हो। वर्ष 2025 में भी कोल्हापुर से टीईटी पेपर लीक का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
फिर उठे परीक्षा प्रणाली पर सवाल
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में टीईटी का यह नया विवाद सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
अभ्यर्थियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल टूट रहा है। अभ्यर्थियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है।
नई तारीख पर टिकी निगाहें
फिलहाल लाखों उम्मीदवारों की नजर शिक्षा विभाग के अगले फैसले पर टिकी हुई है। अब सभी को नई परीक्षा तिथि और जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो यह मामला राज्य की सबसे बड़ी परीक्षा गड़बड़ियों में शामिल हो सकता है।
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