By Malay Ojha | Published: 02 July 2026 at 07:29 PM
उत्तर प्रदेश के करीब 3.70 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा टैरिफ को ही जारी रखने का फैसला लिया है। इस फैसले के साथ ही प्रदेश लगातार सात वर्षों तक बिजली की दरें स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। महंगाई के दौर में यह फैसला घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
आयोग के फैसले के मुताबिक इस वर्ष भी उपभोक्ताओं को बिजली के लिए पहले जितना ही भुगतान करना होगा। नई दरें लागू नहीं की गई हैं, जिससे करोड़ों परिवारों और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। ऐसे समय में जब कई राज्यों में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, उत्तर प्रदेश में दरें यथावत रहने से लोगों को राहत मिलेगी।
राहत का असर करोड़ों परिवारों पर
प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा छोटे दुकानदार, कारोबारी, किसान और उद्योग भी इस फैसले से लाभान्वित होंगे। बिजली खर्च नहीं बढ़ने से घर का बजट प्रभावित नहीं होगा, वहीं कारोबार और उत्पादन लागत पर भी अतिरिक्त दबाव नहीं आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिर बिजली दरें आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देती हैं।
नोएडा के उपभोक्ताओं को भी राहत बरकरार
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नोएडा क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट को भी पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसका फायदा वहां के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा। यानी नोएडा के लोगों को बिजली बिल में मिलने वाली राहत खत्म नहीं होगी और उन्हें पहले की तरह रियायती दरों का लाभ मिलता रहेगा।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पर मिलेगी खास छूट
आयोग ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ा भी अहम फैसला लिया है। अब सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर बिजली की खपत करने पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा, चार्जिंग का खर्च कम होगा और प्रदेश में चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार भी तेज होगा।
सरकार ने क्या बताया
राज्य सरकार का कहना है कि कई वर्षों से बिजली की दरें स्थिर रखने की नीति का सीधा फायदा आम लोगों को मिला है। इससे परिवारों का मासिक खर्च नियंत्रित रहा है। वहीं छोटे उद्योगों और कारोबारियों को भी राहत मिली है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उपभोक्ता परिषद ने फैसले का किया स्वागत
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के फैसले का स्वागत किया है। परिषद का कहना है कि लगातार सात वर्षों तक बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इससे करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और महंगाई के बीच लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आयोग का आभार भी जताया।
क्यों अहम माना जा रहा है यह फैसला
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि बिजली की दरें स्थिर रहने से घरेलू बजट के साथ-साथ उद्योगों की लागत भी नियंत्रित रहती है। इससे निवेश का माहौल बेहतर होता है और उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ता है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पर दी गई छूट भविष्य में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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