By Malay Ojha | Published: 02 July 2026 at 04:52 PM
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और अब लोगों का भरोसा टूट चुका है। अखिलेश ने दावा किया कि आने वाले समय में बीजेपी को न चंदा मिलेगा, न चढ़ावा और न ही जनता का वोट। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया।
लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद की पूरी सच्चाई एक दिन जरूर सामने आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक फायदा उठाते रहे हैं, लेकिन अब लोग सब कुछ समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम मर्यादा के प्रतीक हैं, जबकि मौजूदा सरकार ने मर्यादा, आस्था और संविधान—तीनों के साथ विश्वासघात किया है।
‘न चंदा मिलेगा, न वोट’ वाला बयान बना चर्चा का विषय
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि अब बीजेपी के प्रति लोगों का भरोसा लगातार कम हो रहा है। उनका कहना था कि जिस तरह चढ़ावे को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे जनता नाराज है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में इसका असर दिखाई देगा और पार्टी को न चंदा मिलेगा, न चढ़ावा और न ही जनता का समर्थन।
पुलिस व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना
सपा अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के थानों और तहसीलों में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। अखिलेश ने कहा कि बिना पैसे के लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है और आम नागरिक न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनके मुताबिक व्यवस्था पूरी तरह राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।
गुप्त दान के हिसाब पर उठाए सवाल
राम मंदिर में मिलने वाले गुप्त दान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना नाम बताए दान करते हैं, लेकिन उसके हिसाब-किताब को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने कहा कि यदि सभी दान का सही रिकॉर्ड सामने आए तो वास्तविक आंकड़े कहीं अधिक बड़े हो सकते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
चंपत राय और ट्रस्ट को लेकर भी बोले
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर समाज के कई वर्गों में नाराजगी है और लोग जवाब चाहते हैं।
प्रधानमंत्री पर विकास परियोजनाओं को लेकर हमला
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जिन बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनमें बाद में कई तरह की कमियां सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी है और कई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अयोध्या के किसानों और व्यापारियों का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अयोध्या में एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई किसानों और व्यापारियों ने पहले ही अपनी नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि प्रभावित लोगों को उचित राहत और मुआवजा नहीं मिला, जिसकी वजह से स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा। उन्होंने दावा किया कि इसी नाराजगी का असर चुनावी नतीजों में भी देखने को मिला।
सिख समाज को लेकर किया बड़ा वादा
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने सिख समाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय के साथ अन्याय हुआ है तो उनकी पार्टी उसके लिए आवाज उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी योग्य उम्मीदवार होंगे, उन्हें चुनाव में मौका दिया जाएगा और सभी वर्गों को न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी।
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