By Malay Ojha | Published: 07 July 2026 at 08:14 PM
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। ट्रस्ट से इस्तीफा मंजूर होने के एक दिन बाद उन्होंने राम भक्तों के नाम एक पत्र जारी कर कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ किया कि विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह हर आरोप का बिंदुवार जवाब देंगे और पूरे मामले की सच्चाई सामने रखेंगे।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में लगातार उठ रहे सवालों के बीच चंपत राय का यह पहला सार्वजनिक बयान है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए उन्होंने अंतिम रिपोर्ट आने तक मौन रहने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने से पहले तरह-तरह की बातें फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
कहा- झूठे आरोपों से परेशान नहीं, सच सामने आएगा
चंपत राय ने लिखा कि वर्ष 1991 से वह संगठन के दायित्व के तहत अयोध्या में काम कर रहे हैं और उनका पूरा सार्वजनिक जीवन किसी खुली किताब की तरह रहा है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों की सेवा के बाद उन पर लगाए जा रहे आरोप उन्हें दुख जरूर पहुंचाते हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरा सच सभी के सामने होगा।
एसआईटी रिपोर्ट का किया जिक्र
अपने पत्र में चंपत राय ने कहा कि विशेष जांच दल की रिपोर्ट बेहद गोपनीय थी, लेकिन उसके कुछ हिस्से सार्वजनिक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह एक-एक मुद्दे पर विस्तार से जवाब देंगे। उनका दावा है कि उस समय सभी तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और लोगों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान भी हो जाएगा।
ट्रस्ट की बैठक में मंजूर हुआ इस्तीफा
इससे पहले हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। बैठक में मौजूद सदस्यों ने माना कि चढ़ावा विवाद की वजह से मंदिर ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रस्ट ने अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करने का फैसला करते हुए अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाने का निर्णय लिया है।
अंतरिम रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर खामियां
विशेष जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट में मंदिर के चढ़ावे की व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर कई गंभीर कमियां बताई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई जगह तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रबंधन व्यवस्था में सुधार की जरूरत भी बताई गई है।
सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई चिंता
जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में कुछ ऐसे दृश्य सामने आए, जिन्होंने जांच टीम की चिंता बढ़ा दी। रिपोर्ट के मुताबिक चढ़ावे की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी कथित तौर पर पैसे अपनी जेब और मोजों में रखते हुए दिखाई दिए। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी स्तर पर चढ़ावे में गड़बड़ी हुई या नहीं।
अब अंतिम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम इंतजार विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट का है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। चंपत राय भी साफ कर चुके हैं कि वह उसी रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद सभी आरोपों पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। ऐसे में अब राम मंदिर चढ़ावा विवाद की अगली बड़ी कड़ी अंतिम जांच रिपोर्ट को माना जा रहा है।
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