By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 06:54 PM
बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए नया उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अभिषेक कुमार उर्फ बंटी के अचानक नामांकन वापस लेने के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बना दिया। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण बीजेपी ने बिना किसी देरी के उम्मीदवार बदलकर साफ संकेत दे दिया कि वह इस सीट पर किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
बांकीपुर उपचुनाव में पहले भारतीय जनता पार्टी ने अभिषेक कुमार उर्फ बंटी को टिकट दिया था। उन्होंने गुरुवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन कुछ ही समय बाद पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पार्टी ने तुरंत घोषित किया नया उम्मीदवार
अभिषेक के नाम वापस लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने देर नहीं की और नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी। पार्टी की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर उन्हें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। नामांकन की आखिरी तारीख तेरह जुलाई होने के कारण पार्टी ने तेजी से फैसला लेते हुए चुनावी तैयारियों को नई दिशा दे दी।
कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?
नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर इलाके के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक जुलाई उन्नीस सौ चौरानवे को हुआ था। उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई की है और अभी अविवाहित हैं। पार्टी संगठन में लगातार सक्रिय रहने के कारण उन्हें जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पहचान मिली है।
संगठन में लंबा अनुभव
नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। पार्टी में उन्होंने बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल महामंत्री, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और दो बार मंडल अध्यक्ष जैसे कई संगठनात्मक दायित्व निभाए हैं। संगठन में लगातार सक्रिय रहने और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
परिवार का भी रहा राजनीतिक जुड़ाव
नीरज कुमार सिन्हा का परिवार भी लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके चाचा भारतीय जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। यही वजह है कि बचपन से ही उनका झुकाव राजनीति और संगठनात्मक कार्यों की ओर रहा। पार्टी के भीतर उन्हें अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता है।
बांकीपुर क्यों है बीजेपी के लिए खास?
बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। वर्ष 1995 से इस सीट पर पार्टी को हार का सामना नहीं करना पड़ा है। लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखने के लिए इस बार भी बीजेपी पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में उम्मीदवार बदलने के बावजूद पार्टी इस सीट पर अपनी पकड़ बरकरार रखने का दावा कर रही है।
अब क्या होगा चुनावी मुकाबला?
उम्मीदवार बदलने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नीरज कुमार सिन्हा कितनी तेजी से चुनाव प्रचार को गति देते हैं। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बांकीपुर का चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है। राजनीतिक दलों की रणनीति, स्थानीय समीकरण और चुनाव प्रचार आने वाले दिनों में इस मुकाबले को और दिलचस्प बना सकते हैं।
बीजेपी ने दिया स्पष्ट संदेश
अभिषेक के हटने के बाद जिस तेजी से भारतीय जनता पार्टी ने नए उम्मीदवार की घोषणा की, उससे पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन पूरी तरह तैयार है और चुनावी रणनीति में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नीरज कुमार सिन्हा चुनावी मैदान में पार्टी की जीत का सिलसिला कायम रख पाते हैं या नहीं।
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