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अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कप्तान ने कहा अलविदा

By Malay Ojha | Published: 30 July 2026 at 10:56 AM

भारत के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही टीम इंडिया के लिए एक दशक से ज्यादा लंबे उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का अंत हो गया। रहाणे ने अपनी शानदार तकनीक, शांत स्वभाव और मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में दमदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट में खास पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। हालांकि उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान उनके आंकड़ों से ज्यादा उस नेतृत्व की रही, जिसने मुश्किल हालात में भारत को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत तक पहुंचाया।

रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड में भारत की करारी हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने टीम को जिस तरह संभाला, वह भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार दौर में शामिल हो गया।

मेलबर्न में शतक और फिर सीरीज जीत
मेलबर्न टेस्ट में रहाणे ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूती दी। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से टेस्ट सीरीज में हराया। इस जीत को इसलिए भी खास माना गया क्योंकि भारतीय टीम कई अहम खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही थी, लेकिन रहाणे ने दबाव के बीच टीम को एकजुट रखा और सीरीज अपने नाम कर ली।

85 टेस्ट में बनाए 5 हजार से ज्यादा रन
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,000 से ज्यादा रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे में करीब 3,000 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तीनों प्रारूपों को मिलाकर 8,000 से ज्यादा रन का रहा।

मुश्किल विदेशी दौरों पर दिखाया अपना असली रंग
रहाणे की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत उनकी तकनीक और धैर्य रही। खासकर विदेशी पिचों पर जब गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होती थी, तब रहाणे कई मौकों पर टीम के लिए अहम साबित हुए। उनका खेल आक्रामक अंदाज से ज्यादा धैर्य, सही तकनीक और परिस्थिति को समझकर बल्लेबाजी करने के लिए जाना गया।

स्लिप में भी टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे
बल्लेबाजी के साथ-साथ रहाणे ने स्लिप में अपनी शानदार फील्डिंग से भी टीम में खास जगह बनाई। टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल कैच पकड़ने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रखा। कई अहम मौकों पर उनकी फील्डिंग ने टीम को महत्वपूर्ण विकेट दिलाने में मदद की।

कप्तानी में दिखा शांत स्वभाव
रहाणे की कप्तानी की सबसे खास बात उनका शांत रहना था। मुश्किल परिस्थितियों में भी वह मैदान पर घबराए हुए नजर नहीं आते थे। यही वजह रही कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत के बाद उनकी कप्तानी को भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में गिना गया।

मुंबई क्रिकेट ने बताया शानदार अध्याय का अंत
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने रहाणे के करियर को भारतीय क्रिकेट का शानदार अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि रहाणे ने दबाव में शांत रहकर प्रदर्शन करने और टीम को हमेशा अपने से आगे रखने की मिसाल पेश की है।

आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी विरासत
अजिंक्य नाइक के मुताबिक, रहाणे ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ क्रिकेट खेला, वह उन्हें मुंबई क्रिकेट का बेहतरीन प्रतिनिधि बनाता है। उनका मानना है कि रहाणे की विरासत आने वाले क्रिकेटरों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।

एक शांत खिलाड़ी, जिसकी कहानी हमेशा याद रहेगी
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही अब खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनकी पहचान सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं रहेगी। वह उस कप्तान के रूप में याद किए जाएंगे, जिसने बेहद मुश्किल हालात में जिम्मेदारी संभाली और ऑस्ट्रेलिया में भारत को ऐसी सीरीज जीत दिलाई, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। उनके करियर की यही कहानी उन्हें भारतीय क्रिकेट के यादगार खिलाड़ियों की कतार में खड़ा करती है।

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अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कप्तान ने कहा अलविदा

By Malay Ojha | Published: 30 July 2026 at 10:56 AM

भारत के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही टीम इंडिया के लिए एक दशक से ज्यादा लंबे उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का अंत हो गया। रहाणे ने अपनी शानदार तकनीक, शांत स्वभाव और मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में दमदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट में खास पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। हालांकि उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान उनके आंकड़ों से ज्यादा उस नेतृत्व की रही, जिसने मुश्किल हालात में भारत को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत तक पहुंचाया।

रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड में भारत की करारी हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने टीम को जिस तरह संभाला, वह भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार दौर में शामिल हो गया।

मेलबर्न में शतक और फिर सीरीज जीत
मेलबर्न टेस्ट में रहाणे ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूती दी। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से टेस्ट सीरीज में हराया। इस जीत को इसलिए भी खास माना गया क्योंकि भारतीय टीम कई अहम खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही थी, लेकिन रहाणे ने दबाव के बीच टीम को एकजुट रखा और सीरीज अपने नाम कर ली।

85 टेस्ट में बनाए 5 हजार से ज्यादा रन
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,000 से ज्यादा रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे में करीब 3,000 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तीनों प्रारूपों को मिलाकर 8,000 से ज्यादा रन का रहा।

मुश्किल विदेशी दौरों पर दिखाया अपना असली रंग
रहाणे की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत उनकी तकनीक और धैर्य रही। खासकर विदेशी पिचों पर जब गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होती थी, तब रहाणे कई मौकों पर टीम के लिए अहम साबित हुए। उनका खेल आक्रामक अंदाज से ज्यादा धैर्य, सही तकनीक और परिस्थिति को समझकर बल्लेबाजी करने के लिए जाना गया।

स्लिप में भी टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे
बल्लेबाजी के साथ-साथ रहाणे ने स्लिप में अपनी शानदार फील्डिंग से भी टीम में खास जगह बनाई। टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल कैच पकड़ने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रखा। कई अहम मौकों पर उनकी फील्डिंग ने टीम को महत्वपूर्ण विकेट दिलाने में मदद की।

कप्तानी में दिखा शांत स्वभाव
रहाणे की कप्तानी की सबसे खास बात उनका शांत रहना था। मुश्किल परिस्थितियों में भी वह मैदान पर घबराए हुए नजर नहीं आते थे। यही वजह रही कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत के बाद उनकी कप्तानी को भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में गिना गया।

मुंबई क्रिकेट ने बताया शानदार अध्याय का अंत
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने रहाणे के करियर को भारतीय क्रिकेट का शानदार अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि रहाणे ने दबाव में शांत रहकर प्रदर्शन करने और टीम को हमेशा अपने से आगे रखने की मिसाल पेश की है।

आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी विरासत
अजिंक्य नाइक के मुताबिक, रहाणे ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ क्रिकेट खेला, वह उन्हें मुंबई क्रिकेट का बेहतरीन प्रतिनिधि बनाता है। उनका मानना है कि रहाणे की विरासत आने वाले क्रिकेटरों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।

एक शांत खिलाड़ी, जिसकी कहानी हमेशा याद रहेगी
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही अब खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनकी पहचान सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं रहेगी। वह उस कप्तान के रूप में याद किए जाएंगे, जिसने बेहद मुश्किल हालात में जिम्मेदारी संभाली और ऑस्ट्रेलिया में भारत को ऐसी सीरीज जीत दिलाई, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। उनके करियर की यही कहानी उन्हें भारतीय क्रिकेट के यादगार खिलाड़ियों की कतार में खड़ा करती है।

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