By Malay Ojha | Published: 31 July 2026 at 09:57 AM
महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। बालाजी नगर इलाके में चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया, लेकिन मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबा पूरी तरह हटाए जाने तक तलाशी का काम चलता रहेगा।
हादसे की सूचना मिलते ही भिवंडी दमकल विभाग, पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हो गईं। भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव दल बेहद सावधानी से मलबे की परतें हटा रहे हैं, क्योंकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि कहीं कोई व्यक्ति अभी भी जिंदा तो नहीं फंसा है।
6 लोगों की मौत से मचा हड़कंप
हादसे के बाद जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, मलबे से शव बरामद होने लगे। अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में फंसे लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए बचाव अभियान पूरा होने तक सही संख्या स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक गिर गया। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में बचाव दल मौके पर पहुंच गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।
इमारत को पहले ही खतरनाक बताया गया था
इस हादसे ने प्रशासन की ओर से पहले जारी की गई चेतावनियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कोहिनूर अपार्टमेंट की इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया गया था। नगर निगम की ओर से इसे बेहद जर्जर श्रेणी में रखा गया था और कथित तौर पर कई बार खाली करने के नोटिस भी दिए गए थे। इसके बावजूद इमारत के एक हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था।
मरम्मत के दौरान पिलर हटाने का दावा
शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि इमारत के निचले हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि काम के दौरान कुछ पिलर हटाए गए थे, जिससे इमारत की मजबूती प्रभावित हुई हो सकती है। हालांकि, हादसे की असली वजह अभी जांच का विषय है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इमारत गिरने के पीछे जर्जर ढांचा था, मरम्मत के दौरान हुआ बदलाव या कोई दूसरी वजह।
मजदूरों के दबे होने की आशंका
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था और कुछ मजदूर रात में भी वहां मौजूद थे। यही वजह है कि मलबे के नीचे मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे के समय इमारत के अंदर मौजूद लोगों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। बचाव दल मलबे के हर हिस्से की जांच कर रहा है।
भारी मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद ली जा रही है। हालांकि, मलबे के बीच किसी व्यक्ति के जिंदा होने की संभावना को देखते हुए बचाव दल बेहद सावधानी से काम कर रहा है। मशीनों के साथ-साथ जवान खुद भी मलबे के हिस्सों की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी दबे व्यक्ति तक पहुंचने में कोई चूक न हो।
एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को भी मौके पर लगाया गया है। स्थानीय दमकलकर्मी और अन्य बचाव दल पहले से ही अभियान में जुटे हुए हैं। एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। बचाव अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं।
सुरक्षित निकाले गए लोगों की भी खबर
हादसे के बाद बचाव दल ने मलबे से कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में एक घायल लड़के और एक महिला को बचाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बचाए गए लोगों की संख्या को लेकर अभी सभी रिपोर्टों में एकरूपता नहीं है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है।
अब हादसे की वजह की जांच पर नजर
भिवंडी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर जर्जर इमारतों और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इमारत को पहले ही खतरनाक बताया गया था, वहां मरम्मत का काम कैसे चल रहा था और उस दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने पर है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी और यह भी स्पष्ट होगा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

