By Malay Ojha | Published: 06 August 2026 at 06:27 PM
नई दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ के सातवें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में बिहार ने स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास को लेकर अपना स्पष्ट रोडमैप पेश किया। राज्य सरकार ने निवेशकों को बिहार में निवेश का खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि मजबूत बिजली व्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश-अनुकूल नीतियों के दम पर बिहार अब ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ राज्य बन रहा है।
भारतीय उद्योग परिसंघ की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय था “ऊर्जा सुरक्षा के साथ बदलाव : नई वैश्विक व्यवस्था”। सम्मेलन में देश और विदेश से जुड़े ऊर्जा विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशकों ने भाग लिया। इस दौरान भविष्य की ऊर्जा जरूरतों, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
इस बार बिहार को सम्मेलन में राज्य साझेदार के रूप में विशेष स्थान मिला। ऊर्जा विभाग ने विभिन्न सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया।
ऊर्जा मंत्री ने निवेशकों से किया सीधा संवाद
राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने “राज्यों की नजर से ऊर्जा परिवर्तन” विषय पर आयोजित सत्र में बिहार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार ने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है और अब राज्य का पूरा फोकस स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि आने वाले वर्षों में बिहार केवल बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य ही नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
इन योजनाओं पर तेजी से काम कर रहा बिहार
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की योजना, कृषि फीडरों के सुदृढ़ीकरण और अन्य हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को सस्ती एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना भी है। सरकार ऊर्जा अवसंरचना को लगातार मजबूत बनाने की दिशा में निवेश कर रही है।
निवेश के लिए अनुकूल माहौल का दावा
ऊर्जा मंत्री ने उद्योग जगत और निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिनसे निवेशकों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में तेजी से हुए सुधार और बेहतर आधारभूत ढांचे के कारण बिहार अब स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बिजली व्यवस्था को और आधुनिक बनाने पर जोर
बिहार राज्य विद्युत होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक और ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि राज्य का उद्देश्य केवल हर घर तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक ऊर्जा प्रणाली तैयार करना भी है।
उन्होंने बताया कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड और आधुनिक बिजली नेटवर्क पर लगातार काम किया जा रहा है ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती ऊर्जा मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी बिहार की पहचान
अजय यादव ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार को अपनी उपलब्धियों और संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। राज्य में पारदर्शी व्यवस्था, बेहतर आधारभूत ढांचा और निवेश-अनुकूल नीतियां ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश का रास्ता खोल रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करेगा और देश की ऊर्जा प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा को लेकर साफ संदेश
सम्मेलन में बिहार की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि राज्य अब पारंपरिक बिजली व्यवस्था से आगे बढ़कर स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को अपनी प्राथमिकता बना चुका है। सरकार का मानना है कि हरित ऊर्जा के विस्तार से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं भी तैयार होंगी।
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