By aryavartalive | Published: 17 August 2026 at 07:27 PM
राष्ट्रीय लोक मोर्चा 20 से 22 अगस्त तक नालंदा के राजगीर में तीन दिवसीय ‘विमर्श शिविर’ आयोजित करने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा के मुताबिक यह शिविर सामान्य चिंतन, मंथन या प्रशिक्षण कार्यक्रम से अलग होगा। इसमें संगठन के विस्तार के साथ शिक्षा, युवा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी और आगे की राजनीतिक एवं संगठनात्मक दिशा तय की जाएगी। पार्टी की सदस्य संख्या 22 लाख के पार पहुंचने के दावे के बीच अब नए सदस्यता लक्ष्य पर भी फैसला हो सकता है।
पार्टी की ओर से आयोजित इस शिविर में किसी बड़े जनसमूह को नहीं बुलाया गया है। इसमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी और बिहार से जुड़े राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व का मकसद इन पदाधिकारियों के साथ बैठकर संगठन को अगले स्तर तक ले जाने की रणनीति तैयार करना है।
चिंतन या प्रशिक्षण नहीं, ‘विमर्श’ पर रहेगा जोर
उपेन्द्र कुशवाहा ने शिविर की प्रकृति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों में इस तरह के कार्यक्रमों को अक्सर चिंतन शिविर, मंथन शिविर या प्रशिक्षण शिविर कहा जाता है, लेकिन राजगीर में होने वाला कार्यक्रम उन सबसे अलग है। इसे ‘विमर्श शिविर’ नाम दिया गया है, क्योंकि इसमें अलग-अलग मुद्दों पर विचार रखने, चर्चा करने और आगे की दिशा तय करने पर जोर रहेगा।
शिक्षा और युवाओं के सवालों पर भी होगी चर्चा
शिविर में पार्टी की विचारधारा से जुड़े मुद्दों के साथ शिक्षा सुधार पर भी चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि युवाओं और छात्रों को राजनीतिक एवं सामाजिक विमर्श के केंद्र में रखना जरूरी है। इसी वजह से शिक्षा, युवाओं की अपेक्षाओं और उनके सामने मौजूद चुनौतियों जैसे विषयों को भी शिविर में जगह दी जाएगी।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा पहले भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी का नारा ‘जय किसान, जय नौजवान’ है और संगठन के स्तर पर युवाओं को लगातार प्राथमिकता देने की बात कही जाती रही है। उपेन्द्र कुशवाहा इससे पहले भी शिक्षा सुधार को पार्टी के प्रमुख मुद्दों में शामिल करते रहे हैं।
युवाओं की बदलती सोच को लेकर कुशवाहा का बड़ा बयान
युवाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि युवा हमेशा अपने भविष्य को लेकर जिज्ञासु रहे हैं। उनके सामने परिवार, समाज, सरकार और देश से कई तरह की अपेक्षाएं होती हैं। उनका मानना है कि आज का युवा पहले की तुलना में ज्यादा जागरूक है और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने उसे पूरी दुनिया से जोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्या हो रहा है, युवाओं के लिए क्या होना चाहिए और क्या नहीं हो रहा है, इन सवालों को लेकर नई पीढ़ी में लगातार जिज्ञासा बनी रहती है। युवाओं की ओर से समय-समय पर अपनी बात रखने की कोशिश भी इसी जागरूकता का हिस्सा है।
22 लाख सदस्यता के बाद अब नया लक्ष्य
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए राजगीर का शिविर संगठन विस्तार के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के अनुसार, बिहार में चलाए गए सदस्यता अभियान के दौरान प्राथमिक सदस्यों की संख्या 22 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। जून 2026 में पार्टी ने 32 जिलों में संगठनात्मक चुनाव पूरा होने और प्राथमिक सदस्य संख्या 22 लाख से अधिक होने की जानकारी दी थी।
अब पार्टी इस आधार को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। शिविर में नए सदस्यता अभियान के लिए अगला लक्ष्य तय किया जा सकता है। साथ ही यह भी चर्चा होगी कि पार्टी को उन इलाकों तक किस तरह पहुंचाया जाए, जहां अभी संगठन की मौजूदगी कमजोर है।
नए प्रदेश संगठन के बाद पहला बड़ा संगठनात्मक फोकस
राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने जून में बिहार प्रदेश संगठन में बदलाव करते हुए आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तथा हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में राजगीर का शिविर नई प्रदेश टीम के लिए भी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा तय करने का अहम मंच बन सकता है।
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