By aryavartalive | Published: 17 August 2026 at 09:25 PM
बिहार में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 15 अगस्त के ऐलानों पर अब सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। जद(यू) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं, छात्रों और रोजगार के सवालों को जिस गंभीरता से उठाया गया है, उससे बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में आगे की दिशा साफ होती है।
डॉ. निहोरा प्रसाद यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता मिलना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति, नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत और मॉडल स्कूलों के विकास जैसी पहल सीधे तौर पर छात्र-युवाओं से जुड़ी हैं। सरकार का जोर अब केवल स्कूल और कॉलेजों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने पर भी है।
211 डिग्री कॉलेजों से बढ़ेगा उच्च शिक्षा का दायरा
जद(यू) प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को अपने आसपास ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा। इससे उन परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर के शहरों में जाना पड़ता है।
बिहार में 211 नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ जुलाई में किया जा चुका है। सरकार की ओर से इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने की बड़ी पहल के रूप में पेश किया गया था।
551 मॉडल स्कूलों को लेकर भी सरकार की तैयारी
डॉ. यादव ने 551 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की पहल का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का माहौल तैयार करना समय की जरूरत है। जुलाई में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 551 आदर्श विद्यालयों की शुरुआत की थी, जहां स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल सुविधाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
गरीब छात्रों के लिए मुफ्त तैयारी पर जोर
जद(यू) नेता ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में मॉडल स्कूलों में आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी की व्यवस्था किए जाने की घोषणा महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि प्रतिभा की कमी बिहार में नहीं है, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में कई छात्र अपनी क्षमता के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे विद्यार्थियों को सरकारी स्तर पर तैयारी की सुविधा मिलती है तो उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा।
नीतीश कुमार के काम को आगे बढ़ाने का दावा
डॉ. निहोरा प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की प्रक्रिया अचानक शुरू नहीं हुई है। उनके मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल में स्कूलों और कॉलेजों के विस्तार, शिक्षकों की नियुक्ति और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम हुआ। जद(यू) प्रवक्ता ने मौजूदा सरकार की शिक्षा संबंधी पहलों को उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया।
शिक्षा के साथ रोजगार पर भी नजर
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को सिर्फ डिग्री देना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के सामने आगे रोजगार और करियर के रास्ते भी खुलें। इसी वजह से उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर पैदा करना भी सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए। मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को जगह मिलने को उन्होंने इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
गांवों के छात्रों को मिलेगा ज्यादा फायदा
जद(यू) नेता के अनुसार, नए डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूलों का सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को हो सकता है। गांव के पास बेहतर शिक्षा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी। खासकर छात्राओं के लिए स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा परिवारों को उन्हें आगे पढ़ाने के लिए अधिक प्रोत्साहित कर सकती है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर भी रहेगा जोर
डॉ. यादव ने कहा कि केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। स्कूल और कॉलेजों में पर्याप्त शिक्षक, बेहतर पढ़ाई, जरूरी संसाधन और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों की बहाली और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों से आने वाले वर्षों में इसका असर दिखाई देगा।
एनडीए सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाया
जद(यू) प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा एनडीए सरकार का लक्ष्य बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाना है। उनका कहना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था के बिना रोजगार के बेहतर अवसर तैयार करना मुश्किल है। इसलिए सरकार की योजनाओं में इन दोनों क्षेत्रों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
जद(यू) ने सरकार की दिशा को बताया सही
कुल मिलाकर जद(यू) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन को शिक्षा और युवा केंद्रित बताते हुए सरकार की योजनाओं का समर्थन किया है। पार्टी का कहना है कि 211 डिग्री कॉलेज, 551 मॉडल स्कूल, शिक्षकों की नियुक्ति और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी जैसे फैसलों से बिहार में शिक्षा के अवसर बढ़ सकते हैं। अब इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले समय में सामने आएगा।
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