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32,388 शिक्षक भर्ती पर जदयू का बड़ा दावा, उमेश कुशवाहा बोले- नीतीश के रोजगार मॉडल को मिल रही नई रफ्तार

By Malay Ojha | Published: 18 August 2026 at 09:54 PM

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण यानी टीआरई-4 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। इसी को लेकर जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इसे राज्य में नौकरी और रोजगार को लेकर चल रही सरकार की नीति की अगली बड़ी कड़ी बताया है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति के पहले तीन चरणों में तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों की बहाली हो चुकी है। अब चौथे चरण में 32,388 पदों पर भर्ती का निर्णय युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक और बड़ा अवसर लेकर आया है। उनका कहना है कि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा और स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

रोजगार के मुद्दे पर सरकार का फोकस
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकारी नौकरी और रोजगार को लेकर जिस दिशा में काम शुरू हुआ, उसे अब एनडीए सरकार आगे बढ़ा रही है। उनके मुताबिक शिक्षक नियुक्ति इसका एक बड़ा उदाहरण है। लगातार अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां होने से सरकारी सेवा में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है।

पांच साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
कुशवाहा ने कहा कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत एनडीए सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक शिक्षक भर्ती के चौथे चरण में 32,388 पदों पर नियुक्ति इसी बड़े लक्ष्य का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में रोजगार के और अवसर तैयार किए जाएंगे।

शिक्षक भर्ती से आगे भी रोजगार की तैयारी
जदयू नेता ने कहा कि सरकार की रोजगार नीति केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। उद्योग, निवेश और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि युवाओं को सरकारी सेवा के साथ-साथ निजी क्षेत्र और दूसरे रोजगार क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सरकार का दावा
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में सरकारी नियुक्तियों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उनके मुताबिक इसी व्यवस्था को मौजूदा एनडीए सरकार और मजबूत कर रही है। शिक्षक भर्ती के अलग-अलग चरणों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां किए जाने को वे इसी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।

युवाओं के लिए क्यों अहम है टीआरई-4
शिक्षक भर्ती का चौथा चरण उन अभ्यर्थियों के लिए खास महत्व रखता है जो लंबे समय से सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। 32,388 पदों पर भर्ती होने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को प्रतियोगी परीक्षा के जरिए सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। भर्ती को लेकर जारी जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया सितंबर में शुरू होगी, इसलिए अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, विषयवार पद, परीक्षा कार्यक्रम और आवेदन से जुड़ी शर्तों को ध्यान से देखें।

पहले तीन चरणों का भी जिक्र
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक नियुक्ति के पहले तीन चरणों में तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में बड़े स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब चौथे चरण की भर्ती को भी उसी क्रम में देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि शिक्षक नियुक्ति से एक तरफ युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी।

नीतीश कुमार के मॉडल को आगे बढ़ाने का दावा
कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नौकरी और रोजगार को लेकर जो मॉडल तैयार हुआ, उसे मौजूदा सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने शिक्षक भर्ती को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है। जदयू का जोर इस बात पर है कि रोजगार के सवाल पर सरकार की ओर से किए जा रहे काम को जमीन पर लगातार आगे बढ़ाया जाए।

सरकारी नौकरी के साथ निजी क्षेत्र पर भी जोर
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार को केवल सरकारी पदों तक सीमित नहीं रहना है। उद्योग और निवेश को बढ़ावा देकर निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए रास्ते तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रोजगार के बड़े वादे की अगली कड़ी
जदयू ने टीआरई-4 की भर्ती को सरकार के बड़े रोजगार लक्ष्य से जोड़ते हुए इसे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य की दिशा में कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण में हजारों पदों पर नियुक्ति इसी अभियान की एक अहम कड़ी है।

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32,388 शिक्षक भर्ती पर जदयू का बड़ा दावा, उमेश कुशवाहा बोले- नीतीश के रोजगार मॉडल को मिल रही नई रफ्तार

By Malay Ojha | Published: 18 August 2026 at 09:54 PM

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण यानी टीआरई-4 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। इसी को लेकर जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इसे राज्य में नौकरी और रोजगार को लेकर चल रही सरकार की नीति की अगली बड़ी कड़ी बताया है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति के पहले तीन चरणों में तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों की बहाली हो चुकी है। अब चौथे चरण में 32,388 पदों पर भर्ती का निर्णय युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक और बड़ा अवसर लेकर आया है। उनका कहना है कि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा और स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

रोजगार के मुद्दे पर सरकार का फोकस
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकारी नौकरी और रोजगार को लेकर जिस दिशा में काम शुरू हुआ, उसे अब एनडीए सरकार आगे बढ़ा रही है। उनके मुताबिक शिक्षक नियुक्ति इसका एक बड़ा उदाहरण है। लगातार अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां होने से सरकारी सेवा में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है।

पांच साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
कुशवाहा ने कहा कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत एनडीए सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक शिक्षक भर्ती के चौथे चरण में 32,388 पदों पर नियुक्ति इसी बड़े लक्ष्य का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में रोजगार के और अवसर तैयार किए जाएंगे।

शिक्षक भर्ती से आगे भी रोजगार की तैयारी
जदयू नेता ने कहा कि सरकार की रोजगार नीति केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। उद्योग, निवेश और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि युवाओं को सरकारी सेवा के साथ-साथ निजी क्षेत्र और दूसरे रोजगार क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सरकार का दावा
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में सरकारी नियुक्तियों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उनके मुताबिक इसी व्यवस्था को मौजूदा एनडीए सरकार और मजबूत कर रही है। शिक्षक भर्ती के अलग-अलग चरणों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां किए जाने को वे इसी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।

युवाओं के लिए क्यों अहम है टीआरई-4
शिक्षक भर्ती का चौथा चरण उन अभ्यर्थियों के लिए खास महत्व रखता है जो लंबे समय से सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। 32,388 पदों पर भर्ती होने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को प्रतियोगी परीक्षा के जरिए सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। भर्ती को लेकर जारी जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया सितंबर में शुरू होगी, इसलिए अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, विषयवार पद, परीक्षा कार्यक्रम और आवेदन से जुड़ी शर्तों को ध्यान से देखें।

पहले तीन चरणों का भी जिक्र
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक नियुक्ति के पहले तीन चरणों में तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में बड़े स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब चौथे चरण की भर्ती को भी उसी क्रम में देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि शिक्षक नियुक्ति से एक तरफ युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी।

नीतीश कुमार के मॉडल को आगे बढ़ाने का दावा
कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नौकरी और रोजगार को लेकर जो मॉडल तैयार हुआ, उसे मौजूदा सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने शिक्षक भर्ती को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है। जदयू का जोर इस बात पर है कि रोजगार के सवाल पर सरकार की ओर से किए जा रहे काम को जमीन पर लगातार आगे बढ़ाया जाए।

सरकारी नौकरी के साथ निजी क्षेत्र पर भी जोर
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार को केवल सरकारी पदों तक सीमित नहीं रहना है। उद्योग और निवेश को बढ़ावा देकर निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए रास्ते तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रोजगार के बड़े वादे की अगली कड़ी
जदयू ने टीआरई-4 की भर्ती को सरकार के बड़े रोजगार लक्ष्य से जोड़ते हुए इसे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य की दिशा में कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण में हजारों पदों पर नियुक्ति इसी अभियान की एक अहम कड़ी है।

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