By aryavartalive | Published: 19 August 2026 at 10:20 PM
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ अब सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा, जो तय पात्रता और सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं। उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने विभागीय अधिकारियों को योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए जांच और सत्यापन की प्रक्रिया सख्त करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही असत्य या भ्रामक जानकारी देकर एक से अधिक कॉलेज चलाने वाले शैक्षणिक संस्थानों की भी जांच कराने को कहा गया है।
बुधवार को विकास भवन में हुई उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचना चाहिए। खास तौर पर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में पात्रता की जांच के बाद ही विद्यार्थियों को लाभ देने पर जोर दिया गया। उनका कहना था कि योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा की राह में आर्थिक परेशानी को दूर करना है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर गलत तरीके से लाभ लेने की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
एक से ज्यादा कॉलेज चलाने वाले संस्थानों पर नजर
बैठक में ऐसे शैक्षणिक संस्थानों का मुद्दा भी उठा, जो कथित तौर पर गलत या भ्रामक जानकारी के आधार पर एक से अधिक कॉलेज संचालित कर रहे हैं। मंत्री ने ऐसे सभी संस्थानों की जांच कराने का निर्देश दिया। विभाग को संस्थानों की मान्यता, उनके संचालन की व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करने को कहा गया है।
मान्यता से लेकर संसाधनों तक होगी जांच
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संस्थानों में उपलब्ध संसाधन, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, मान्यता से जुड़े दस्तावेज और तय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसका भी सही तरीके से सत्यापन किया जाए। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संस्थान वास्तव में उन शर्तों को पूरा कर रहे हैं या केवल कागजों पर व्यवस्थाएं दिखाई जा रही हैं।
लापरवाही मिली तो जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई
संजय सिंह टाइगर ने बैठक में अधिकारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया कि जांच के दौरान यदि किसी संस्थान की गड़बड़ी में विभागीय पदाधिकारी या कोई अन्य जिम्मेदार व्यक्ति शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लगातार निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश
मंत्री ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए विभागीय निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानों और योजनाओं की समय-समय पर जांच जरूरी है। इसके लिए दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ वास्तविक स्थिति का भी सत्यापन किया जाना चाहिए। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और जवाबदेही की व्यवस्था को प्रभावी बनाने का भी निर्देश दिया गया।
नए डिग्री कॉलेजों की जमीन पर भी हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में नवसृजित डिग्री कॉलेजों के लिए जमीन की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नए कॉलेजों के लिए ऐसी जमीन का चयन किया जाए, जो प्रखंड मुख्यालय के आसपास हो और विद्यार्थियों के लिए आसानी से पहुंच में हो। कॉलेज की जगह तय करते समय यह ध्यान रखा जाए कि दूरदराज के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच
नवसृजित डिग्री कॉलेजों में चयनित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच भी तय समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया। विभाग की ओर से शिक्षकों से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन में देरी नहीं करने को कहा गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कॉलेजों में योग्य और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी संभालें।
आठ शोध संस्थानों को व्यवस्थित करने पर जोर
बैठक में राज्य में वर्तमान में संचालित आठ शोध संस्थानों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने इन संस्थानों को सरल और बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से संस्थानों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने और अनावश्यक जटिलताओं को दूर करने की दिशा में काम करने को कहा।
विद्यार्थियों के हित से समझौता नहीं
संजय सिंह टाइगर ने कहा कि उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं और संस्थानों की निगरानी मजबूत होना जरूरी है। सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा को आसान और सुलभ बनाना है। ऐसे में योजनाओं का लाभ सही विद्यार्थियों तक पहुंचे और शैक्षणिक संस्थानों में तय मानकों का पालन हो, यह विभाग की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार का जोर
समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं और संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। इसलिए जांच, सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, विशेष सचिव पवन कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव अनुराग कौशल सिंह, मंत्री के आप्त सचिव विमल कुमार, उप निदेशक दीपक कुमार सिंह, नसीम अहमद सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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