National

spot_img

PM मोदी का स्पेस स्टार्टअप्स को बड़ा भरोसा, बोले- जोखिम उठाइए, सरकार आपके साथ

By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 12:52 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर बड़ा भरोसा जताते हुए कहा है कि भारत में प्रतिभा और जोखिम उठाने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। 21 अगस्त को नई दिल्ली में 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के संस्थापकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन लोगों के साथ खड़ी है जो नए क्षेत्रों में जोखिम लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि दुनिया जब अंतरिक्ष के बारे में सोचे तो उसकी नजर सबसे पहले भारत पर जाए।

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश को देश के लिए बड़ा बदलाव बताते हुए स्टार्टअप संस्थापकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों ने एक नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखने का साहस दिखाया है। सरकार की नीतियों पर भरोसा करते हुए जोखिम उठाने वालों को यह भरोसा होना चाहिए कि मुश्किल समय में उनका साथ नहीं छोड़ा जाएगा।

भारत को दुनिया का स्पेस हब बनाने की तैयारी
मोदी ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में सिर्फ अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां दुनिया भर की प्रतिभाएं, कंपनियां और निवेश भारत की ओर आकर्षित हों। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक प्रतिभा और निवेश के लिए चुंबक बनाने की जरूरत बताई।

नीतियों में स्थिरता से बढ़ता है भरोसा
प्रधानमंत्री ने नीतियों में निरंतरता के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जब सरकार कोई फैसला करती है तो उसे बार-बार बदलने के बजाय उस पर टिके रहना चाहिए। इससे नए कारोबारी और तकनीकी क्षेत्रों में जोखिम लेने वालों को भरोसा मिलता है। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो नए प्रयोग करने वालों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दें।

अंतरिक्ष तकनीक सिर्फ रॉकेट और उपग्रह तक सीमित नहीं
बैठक में प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष तकनीक के इस्तेमाल को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीक का फायदा खेती, पशुपालन, डेयरी, पर्यावरण और आम लोगों की जरूरतों वाले कई दूसरे क्षेत्रों में भी पहुंचना चाहिए। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र की तकनीक का इस्तेमाल केवल प्रक्षेपण और उपग्रह तक सीमित नहीं रहेगा।

अलग-अलग क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने की सलाह
PM मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों से दूसरे सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के संस्थानों के साथ मिलकर काम करने को कहा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने संकेत दिया कि अंतरिक्ष से जुड़ी मलबा हटाने की तकनीक विकसित करने वाली कंपनियां पर्यावरण से जुड़े संगठनों के साथ काम कर सकती हैं। इसी तरह खेती से जुड़ी अंतरिक्ष तकनीक को कृषि विश्वविद्यालयों और सरकारी विभागों के साथ जोड़ा जा सकता है।

बच्चों में छोटी उम्र से पैदा होगी अंतरिक्ष की रुचि
प्रधानमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब के साथ अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव भी दिया। उनका मानना है कि अगर बच्चों को स्कूल के स्तर पर ही अंतरिक्ष और नई तकनीक से परिचित कराया जाए तो उनमें वैज्ञानिक सोच और नए प्रयोग करने की इच्छा पैदा की जा सकती है। इससे आने वाले वर्षों के लिए देश को नई पीढ़ी के वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी मिल सकते हैं।

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है
भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 तक देश में करीब 440 अंतरिक्ष तकनीक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र की नियामक संस्था इन-स्पेस ने 52 गैर-सरकारी संस्थाओं को 113 मंजूरियां दी हैं, जिनमें 18 स्टार्टअप शामिल हैं।

रॉकेट से लेकर अंतरिक्ष मलबे तक पर काम
देश के निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप अब केवल रॉकेट या उपग्रह बनाने तक सीमित नहीं हैं। अलग-अलग कंपनियां प्रक्षेपण यान, दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रक्षेपण यान, उन्नत प्रणोदन प्रणाली, उपग्रह, अंतरिक्ष और रक्षा से जुड़ी खुफिया तकनीक, अंतरिक्ष मलबा हटाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम एवं जलवायु संबंधी तकनीक पर काम कर रही हैं।

20 स्टार्टअप के प्रमुख लोग बैठक में शामिल
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हुए। इनमें स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सल, ध्रुवा स्पेस, गैलेक्सीआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस और दिगंतारा जैसे नाम शामिल रहे। इसके अलावा सैटश्योर, सुहोरा टेक्नोलॉजीज, मनस्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस, टेकमी2स्पेस, व्योमआईसी, कॉस्मोसर्व स्पेस, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, स्काईसर्व, सेरेन्डिपिटी स्पेस, वासर लैब्स और मिस्टईओ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

स्टार्टअप्स ने भी सरकार के फैसले को सराहा
बैठक के दौरान स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के फैसले की सराहना की। उनका कहना था कि इससे निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। कंपनियों ने अपने-अपने क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक विकसित करने की दिशा में किए जा रहे काम और सरकार से मिल रहे सहयोग के बारे में भी जानकारी दी।

भारत की कम लागत और प्रतिभा को बताया ताकत
प्रधानमंत्री ने भारत की एक और बड़ी ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की गुणवत्ता मजबूत है और लागत के मामले में भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धी है। ऐसे में अगर नीतियों का भरोसा और बेहतर कारोबारी माहौल मिलता है तो भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना सकता है।

अब अगला लक्ष्य वैश्विक बाजार
प्रधानमंत्री की बातचीत का एक बड़ा संदेश यह रहा कि भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें ऐसी तकनीक और सेवाएं विकसित करनी चाहिए जिनकी मांग दुनिया के दूसरे देशों में भी हो। इससे भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकेगा और देश में विदेशी प्रतिभा, कंपनियों तथा निवेश को आकर्षित करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई उड़ान
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहा है। निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री का 20 स्टार्टअप्स के प्रमुखों के साथ संवाद इसी बदलते दौर का संकेत है। सरकार की ओर से नीतिगत स्थिरता और निजी क्षेत्र की ओर से नई तकनीक के साथ जोखिम लेने की क्षमता आने वाले समय में भारत को वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकती है। सरकारी पृष्ठभूमि दस्तावेज के अनुसार देश का अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र 2014 में सिर्फ एक स्टार्टअप से बढ़कर 2026 में करीब 440 तक पहुंच गया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

PM मोदी का स्पेस स्टार्टअप्स को बड़ा भरोसा, बोले- जोखिम उठाइए, सरकार आपके साथ

By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 12:52 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर बड़ा भरोसा जताते हुए कहा है कि भारत में प्रतिभा और जोखिम उठाने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। 21 अगस्त को नई दिल्ली में 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के संस्थापकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन लोगों के साथ खड़ी है जो नए क्षेत्रों में जोखिम लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि दुनिया जब अंतरिक्ष के बारे में सोचे तो उसकी नजर सबसे पहले भारत पर जाए।

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश को देश के लिए बड़ा बदलाव बताते हुए स्टार्टअप संस्थापकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों ने एक नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखने का साहस दिखाया है। सरकार की नीतियों पर भरोसा करते हुए जोखिम उठाने वालों को यह भरोसा होना चाहिए कि मुश्किल समय में उनका साथ नहीं छोड़ा जाएगा।

भारत को दुनिया का स्पेस हब बनाने की तैयारी
मोदी ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में सिर्फ अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां दुनिया भर की प्रतिभाएं, कंपनियां और निवेश भारत की ओर आकर्षित हों। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक प्रतिभा और निवेश के लिए चुंबक बनाने की जरूरत बताई।

नीतियों में स्थिरता से बढ़ता है भरोसा
प्रधानमंत्री ने नीतियों में निरंतरता के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जब सरकार कोई फैसला करती है तो उसे बार-बार बदलने के बजाय उस पर टिके रहना चाहिए। इससे नए कारोबारी और तकनीकी क्षेत्रों में जोखिम लेने वालों को भरोसा मिलता है। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो नए प्रयोग करने वालों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दें।

अंतरिक्ष तकनीक सिर्फ रॉकेट और उपग्रह तक सीमित नहीं
बैठक में प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष तकनीक के इस्तेमाल को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीक का फायदा खेती, पशुपालन, डेयरी, पर्यावरण और आम लोगों की जरूरतों वाले कई दूसरे क्षेत्रों में भी पहुंचना चाहिए। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र की तकनीक का इस्तेमाल केवल प्रक्षेपण और उपग्रह तक सीमित नहीं रहेगा।

अलग-अलग क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने की सलाह
PM मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों से दूसरे सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के संस्थानों के साथ मिलकर काम करने को कहा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने संकेत दिया कि अंतरिक्ष से जुड़ी मलबा हटाने की तकनीक विकसित करने वाली कंपनियां पर्यावरण से जुड़े संगठनों के साथ काम कर सकती हैं। इसी तरह खेती से जुड़ी अंतरिक्ष तकनीक को कृषि विश्वविद्यालयों और सरकारी विभागों के साथ जोड़ा जा सकता है।

बच्चों में छोटी उम्र से पैदा होगी अंतरिक्ष की रुचि
प्रधानमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब के साथ अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव भी दिया। उनका मानना है कि अगर बच्चों को स्कूल के स्तर पर ही अंतरिक्ष और नई तकनीक से परिचित कराया जाए तो उनमें वैज्ञानिक सोच और नए प्रयोग करने की इच्छा पैदा की जा सकती है। इससे आने वाले वर्षों के लिए देश को नई पीढ़ी के वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी मिल सकते हैं।

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है
भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 तक देश में करीब 440 अंतरिक्ष तकनीक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र की नियामक संस्था इन-स्पेस ने 52 गैर-सरकारी संस्थाओं को 113 मंजूरियां दी हैं, जिनमें 18 स्टार्टअप शामिल हैं।

रॉकेट से लेकर अंतरिक्ष मलबे तक पर काम
देश के निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप अब केवल रॉकेट या उपग्रह बनाने तक सीमित नहीं हैं। अलग-अलग कंपनियां प्रक्षेपण यान, दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रक्षेपण यान, उन्नत प्रणोदन प्रणाली, उपग्रह, अंतरिक्ष और रक्षा से जुड़ी खुफिया तकनीक, अंतरिक्ष मलबा हटाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम एवं जलवायु संबंधी तकनीक पर काम कर रही हैं।

20 स्टार्टअप के प्रमुख लोग बैठक में शामिल
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हुए। इनमें स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सल, ध्रुवा स्पेस, गैलेक्सीआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस और दिगंतारा जैसे नाम शामिल रहे। इसके अलावा सैटश्योर, सुहोरा टेक्नोलॉजीज, मनस्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस, टेकमी2स्पेस, व्योमआईसी, कॉस्मोसर्व स्पेस, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, स्काईसर्व, सेरेन्डिपिटी स्पेस, वासर लैब्स और मिस्टईओ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

स्टार्टअप्स ने भी सरकार के फैसले को सराहा
बैठक के दौरान स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के फैसले की सराहना की। उनका कहना था कि इससे निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। कंपनियों ने अपने-अपने क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक विकसित करने की दिशा में किए जा रहे काम और सरकार से मिल रहे सहयोग के बारे में भी जानकारी दी।

भारत की कम लागत और प्रतिभा को बताया ताकत
प्रधानमंत्री ने भारत की एक और बड़ी ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की गुणवत्ता मजबूत है और लागत के मामले में भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धी है। ऐसे में अगर नीतियों का भरोसा और बेहतर कारोबारी माहौल मिलता है तो भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना सकता है।

अब अगला लक्ष्य वैश्विक बाजार
प्रधानमंत्री की बातचीत का एक बड़ा संदेश यह रहा कि भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें ऐसी तकनीक और सेवाएं विकसित करनी चाहिए जिनकी मांग दुनिया के दूसरे देशों में भी हो। इससे भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकेगा और देश में विदेशी प्रतिभा, कंपनियों तथा निवेश को आकर्षित करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई उड़ान
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहा है। निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री का 20 स्टार्टअप्स के प्रमुखों के साथ संवाद इसी बदलते दौर का संकेत है। सरकार की ओर से नीतिगत स्थिरता और निजी क्षेत्र की ओर से नई तकनीक के साथ जोखिम लेने की क्षमता आने वाले समय में भारत को वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकती है। सरकारी पृष्ठभूमि दस्तावेज के अनुसार देश का अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र 2014 में सिर्फ एक स्टार्टअप से बढ़कर 2026 में करीब 440 तक पहुंच गया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES