By Malay Ojha | Published: 24 August 2026 at 10:18 AM
बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर सोमवार सुबह भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और करीब आधा दर्जन श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। कतार में खड़े लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई और कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
कई श्रद्धालु जमीन पर गिरे
भीड़ का दबाव बढ़ने के दौरान कई श्रद्धालु गिर पड़े। शुरुआती जानकारी में करीब छह लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। इनमें महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। घायलों को तत्काल मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। सुरक्षा में तैनात जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से धक्का-मुक्की और जल्दबाजी नहीं करने की अपील की जा रही है।
पहले से की गई थी सुरक्षा की तैयारी
सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान पहले से था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में रात से ही अधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी की गई थी। ([Live Hindustan][4])
पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
अंतिम सोमवारी को लेकर सिंहेश्वरनाथ धाम में भारी भीड़ की संभावना जताई गई थी। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक करीब पांच लाख श्रद्धालु यहां पहुंच सकते हैं। इसी वजह से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अभी स्थिति पर प्रशासन की नजर
भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बाद प्रशासन अब मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। श्रद्धालुओं से लगातार संयम बरतने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
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