By Malay Ojha | Published: 28 August 2026 at 01:46 PM
नेपाल में बुधवार की भीषण बाढ़ के बाद हालात अभी संभले भी नहीं थे कि एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। चीन-नेपाल सीमा के पास मलबे से बनी एक बैरियर झील अब ओवरफ्लो होने लगी है। इसके टूटने की आशंका के चलते नेपाल के धादिंग और नुवाकोट में राहत और बचाव अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है।
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, चोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी इस बैरियर झील में गुरुवार सुबह करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा था और झील ओवरफ्लो कर रही थी। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी आने का अनुमान जताया गया था। इससे झील के टूटने और नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।
भोटेकोशी और त्रिशूली किनारे सतर्कता
झील टूटने की स्थिति में पानी का तेज बहाव नेपाल की ओर आने की आशंका है। इसे देखते हुए भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
बालेन शाह ने पूरे देश को किया अलर्ट
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने मौजूदा हालात को देखते हुए पूरे देश को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन चीन के अधिकारियों के संपर्क में है। बचाव दलों के लिए भी खतरा बढ़ गया है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश, अस्थिर ढलान और अचानक पानी बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।
चीन में भी सैकड़ों लोग लापता
इस बीच चीन के तिब्बत क्षेत्र में बुधवार को आई आपदा ने भी बड़ी चिंता पैदा की है। चीन की सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक ग्यिरोंग काउंटी में हुए मलबे के बहाव के बाद 558 लोग लापता बताए गए थे, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। तीन लोगों की मौत की भी पुष्टि की गई थी। लगातार बारिश और बैरियर झील के खतरे ने वहां चल रहे बचाव अभियान को भी मुश्किल बना दिया है।
सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप
इसी बीच शुक्रवार को चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार भूकंप दोपहर करीब 1:13 बजे आया और इसकी गहराई 13 किलोमीटर थी। शुरुआती रिपोर्टों में बड़े नुकसान या हताहतों की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, यह भूकंप नेपाल-तिब्बत सीमा पर बनी बैरियर झील के खतरे से अलग घटना है।
बचाव अभियान के सामने दोहरी चुनौती
नेपाल में बुधवार की बाढ़ के बाद पहले से ही बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अब नई झील के ओवरफ्लो होने से बचाव अभियान में जुटे दलों के सामने भी खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित रखना और झील की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना है।
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