By Malay Ojha | Published: 08 September 2026 at 01:42 PM
वाराणसी में बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के नाम पर करीब छह लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी चन्द्रमणि शर्मा को सिगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पीड़िता को भरोसे में लेने के लिए कूटरचित नियुक्ति पत्र देने का भी आरोप है। पुलिस ने मंगलवार को उसे सोनिया रोड स्थित उसके कार्यालय से पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिगरा पुलिस ने सी-14/160, डीपी सोनिया रोड स्थित कार्यालय में दबिश दी। यहां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
नौकरी का भरोसा देकर लिए करीब छह लाख
पुलिस के अनुसार, आरोपी चन्द्रमणि शर्मा ने पीड़िता को बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर उसने पीड़िता से करीब छह लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
भरोसा कायम रखने के लिए दिया नियुक्ति पत्र
आरोप है कि रकम लेने के बाद पीड़िता को विश्वास में बनाए रखने के लिए आरोपी ने कूटरचित नियुक्ति पत्र भी दिया। जब नियुक्ति को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद सिगरा थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इन धाराओं में दर्ज है केस
सिगरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 0338/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 352, 336(3), 338 और 340(2) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में ठगी और कूटरचना से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
भेलूपुर का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान चन्द्रमणि शर्मा पुत्र विंध्याचल शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह 14/120 टी-4ए, त्रिदेव नगर कॉलोनी, सरायनंदन, भेलूपुर का रहने वाला है और वर्तमान में आनंद नगर, कंदवा, चितईपुर में रह रहा था।
चार सदस्यीय टीम ने की गिरफ्तारी
चन्द्रमणि शर्मा की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, मुख्य आरक्षी कृपा सिंधु भारती और आरक्षी उमेश यादव शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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