By Malay Ojha | Published: 08 September 2026 at 02:28 PM
वाराणसी में BLW पहाड़ी गेट के पास तीन दिन पहले बनी RCC सड़क को दोबारा तोड़े जाने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्रीय लोगों ने मौके पर धरना देकर विरोध जताया। लोगों का कहना था कि सड़क पूरी तरह ठीक बनी थी, फिर उसे तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी? विरोध की जानकारी पर जेई पूनम सिंह मौके पर पहुंचीं और सड़क दोबारा ठीक कराने का भरोसा दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क का निर्माण कुछ दिन पहले ही कराया गया था। सड़क ठीक हालत में थी, लेकिन इसके बावजूद उसे दोबारा खोद दिया गया और काम शुरू कर दिया गया। लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य की योजना पहले से तय थी तो नई बनी सड़क को तोड़ने की नौबत क्यों आई।
‘गलती से टूट गई’ बताने पर बढ़ा विवाद
धरने में शामिल लोगों का कहना था कि बाद में जिम्मेदारों की ओर से सड़क को गलती से टूट जाने की बात कही गई। बताया गया कि काम किसी दूसरी जगह होना था, लेकिन सड़क दूसरे स्थान पर तोड़ दी गई। इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।
मौके पर पहुंचीं जेई, दिया सड़क बनवाने का भरोसा
विरोध की सूचना मिलने पर जेई पूनम सिंह मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने माना कि जो गलती हुई है, उसे ठीक कराया जाएगा। जेई ने आश्वासन दिया कि सीवर पाइपलाइन डालने का काम पूरा होने के बाद सड़क पर दोबारा RCC की ढलाई कराकर उसे ठीक कराया जाएगा।
लोगों ने पूछा- गलती की जिम्मेदारी किसकी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क वास्तव में गलती से तोड़ी गई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका सवाल है कि जनता के पैसे से बनी सड़क को दोबारा बनाने का खर्च कौन उठाएगा। लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने की भी मांग की।
सरकारी पैसे की बर्बादी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक तरफ सड़क निर्माण पर सरकारी पैसा खर्च होता है और दूसरी तरफ कुछ ही दिनों बाद उसी सड़क को तोड़ दिया जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस तरह बार-बार सड़क तोड़े जाने से सरकारी धन की बर्बादी होती है और जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाने की मांग
धरने में शामिल लोगों ने मांग की कि सीवर पाइपलाइन का काम जल्द पूरा कराया जाए और इसके बाद सड़क की RCC ढलाई गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए निर्माण और सीवर कार्य में बेहतर तालमेल रखने तथा जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
धरने और विरोध प्रदर्शन के दौरान पुष्पकला झा, साधना जायसवाल, सौरभ कुमार, राकेश, अरुण और योगेंद्र समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन काम की योजना और विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण बनी हुई सड़क को बार-बार तोड़ना ठीक नहीं है।
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