By Malay Ojha | Published: 15 September 2026 at 05:56 PM
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मौका दिया है, लेकिन इस बार कोर्ट का रुख बेहद सख्त रहा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उन्हें दो हफ्ते के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि यह उनके लिए आखिरी मौका है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले रवैये पर नाराजगी जताई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बॉलीवुड में वह ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं और कोर्ट में भी वही कर रहे हैं। कोर्ट ने इस टिप्पणी के जरिए पिछली सुनवाइयों में किए गए वादों के पूरा नहीं होने पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
5 अक्टूबर तक गिरफ्तारी पर रोक
सख्ती के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को फिलहाल राहत दी है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक को 5 अक्टूबर 2026 तक जारी रखा है, जब मामले की अगली सुनवाई होगी। हालांकि, इसके साथ उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश भी दिया गया है।
दो हफ्ते में जमा करनी होगी रकम
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को भरोसा दिया कि दो हफ्ते के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा कर दिए जाएंगे। साथ ही बाकी रकम के लिए भी सुरक्षा देने की बात कही गई। शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट्स से जुड़े इस विवाद में बकाया रकम को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है।
सात चेक बाउंस मामलों में मिली थी सजा
यह मामला राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों का है। दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सातों मामलों में तीन-तीन महीने की सजा सुनाई थी। सभी सजाएं साथ चलने का आदेश दिया गया था।
8 सितंबर को मिली थी पहली अंतरिम राहत
इससे पहले 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को सरेंडर करने से अंतरिम छूट दी थी, लेकिन इसके लिए उन्हें कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी गई थी। उस समय अगली सुनवाई 15 सितंबर के लिए तय हुई थी।
‘अटा पटा लपटा’ से जुड़ा है विवाद
मामला राजपाल यादव की फिल्म ‘अटा पटा लपटा’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से हुई वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, 2010 में फिल्म पूरी करने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। बाद में फिल्म की रिलीज में देरी और भुगतान को लेकर पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और चेक बाउंस के मामले अदालत तक पहुंचे।
अब 5 अक्टूबर पर टिकी नजर
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब राजपाल यादव के सामने दो अहम शर्तें हैं—दो हफ्ते में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करना और पासपोर्ट सरेंडर करना। इसके बाद 5 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय होगी। फिलहाल उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है।
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