By Malay Ojha | Published: 18 September 2026 at 04:54 PM
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम हुआ। ममता बनर्जी खेमे से उम्मीदवार बनाई गईं संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने से पहले उनके नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने की खबर सामने आई थी। हालांकि, संचिता ने अपना नामांकन वापस लेने की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की है।
संचिता प्रधान डे शुक्रवार को नबान्न पहुंचीं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए नामांकन वापसी और इस मुलाकात के बीच सीधा संबंध बताना अभी जल्दबाजी होगा।
नामांकन दाखिल करने की तारीख 16 सितंबर थी
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर थी। इसके बाद उम्मीदवारों के पास नामांकन वापस लेने का निर्धारित समय था। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम-चिह्न पर लगाई रोक
इस घटनाक्रम से पहले चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और उसके पारंपरिक ‘घास पर दो फूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई थी। आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग नाम और मुक्त चुनाव चिह्न चुनने को कहा था। यह व्यवस्था अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगी।
ममता खेमे को मिला नया नाम और चिह्न
आयोग की अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुटों को अलग पहचान के साथ चुनाव लड़ना है। रिपोर्टों के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को उपचुनाव के लिए नया नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया। इस बदलाव का सीधा असर नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवारों की चुनावी पहचान पर पड़ा है।
6 अक्टूबर को होना है मतदान
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के 2026 में विधानसभा चुनाव के बाद सीट छोड़ने से खाली हुई थी। अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था और बाद में दूसरी सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम सीट खाली की। अब इस सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

