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Traffic Challan नहीं भरा तो जब्त हो सकता है वाहन! सुप्रीम कोर्ट ने बताए वसूली के सख्त तरीके

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 at 06:06 PM

अगर आपके वाहन पर ई-चालान बकाया है और आपने उसे अब तक जमा नहीं किया है, तो आगे परेशानी बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक चालान की वसूली के लिए रैंडम वाहन जांच का सुझाव दिया है। जांच में किसी वाहन पर बकाया ई-चालान मिलने पर उसे जब्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है।

यह मामला एस. राजसीकरण बनाम भारत संघ से जुड़ी सड़क सुरक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि सिर्फ ई-चालान जारी करने से काम पूरा नहीं होता, असली चुनौती जुर्माने की वसूली है। कोर्ट ने अधिकारियों को जमीन पर असरदार व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान बाकी
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान की रकम वसूलना बाकी है। इनमें से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। कोर्ट ने बकाया रकम की वसूली के लिए व्यावहारिक तरीके तलाशने की जरूरत बताई।

वाहन से जुड़ी सेवाओं पर भी लग सकती है रोक
कोर्ट ने बकाया चालान वाले वाहनों के लिए कई दूसरे उपायों पर भी चर्चा की। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन रिन्यू न करना, मालिकाना हक का ट्रांसफर रोकना और वाहन को Parivahan Portal पर ब्लैकलिस्ट करने जैसे कदम शामिल हैं। फिटनेस सर्टिफिकेट और PUC सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगाने का विकल्प भी सामने आया।

ड्राइविंग लाइसेंस पर भी कार्रवाई का सुझाव
बकाया चालान की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल को रोकने और पहले से जारी लाइसेंस पर भी जरूरी कार्रवाई करने का विकल्प चर्चा में आया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ई-चालान केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड बनकर न रह जाए, बल्कि उसकी वसूली भी हो।

बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव भी सामने आया
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बकाया ट्रैफिक चालान को बिजली बिल से जोड़कर वसूलने का सुझाव भी सामने आया। हालांकि इसे तत्काल लागू करने का आदेश समझना सही नहीं होगा। यह सुनवाई के दौरान बकाया रकम की वसूली के लिए सुझाए गए संभावित तरीकों में से एक था।

ई-चालान सिस्टम को जमीन पर लागू करने पर जोर
यह मामला सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पालन से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ई-एनफोर्समेंट से जुड़े प्रावधानों को लागू करने और पहले दिए गए निर्देशों को जमीन पर उतारने पर जोर दिया है।

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Traffic Challan नहीं भरा तो जब्त हो सकता है वाहन! सुप्रीम कोर्ट ने बताए वसूली के सख्त तरीके

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 at 06:06 PM

अगर आपके वाहन पर ई-चालान बकाया है और आपने उसे अब तक जमा नहीं किया है, तो आगे परेशानी बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक चालान की वसूली के लिए रैंडम वाहन जांच का सुझाव दिया है। जांच में किसी वाहन पर बकाया ई-चालान मिलने पर उसे जब्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है।

यह मामला एस. राजसीकरण बनाम भारत संघ से जुड़ी सड़क सुरक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि सिर्फ ई-चालान जारी करने से काम पूरा नहीं होता, असली चुनौती जुर्माने की वसूली है। कोर्ट ने अधिकारियों को जमीन पर असरदार व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान बाकी
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान की रकम वसूलना बाकी है। इनमें से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। कोर्ट ने बकाया रकम की वसूली के लिए व्यावहारिक तरीके तलाशने की जरूरत बताई।

वाहन से जुड़ी सेवाओं पर भी लग सकती है रोक
कोर्ट ने बकाया चालान वाले वाहनों के लिए कई दूसरे उपायों पर भी चर्चा की। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन रिन्यू न करना, मालिकाना हक का ट्रांसफर रोकना और वाहन को Parivahan Portal पर ब्लैकलिस्ट करने जैसे कदम शामिल हैं। फिटनेस सर्टिफिकेट और PUC सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगाने का विकल्प भी सामने आया।

ड्राइविंग लाइसेंस पर भी कार्रवाई का सुझाव
बकाया चालान की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल को रोकने और पहले से जारी लाइसेंस पर भी जरूरी कार्रवाई करने का विकल्प चर्चा में आया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ई-चालान केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड बनकर न रह जाए, बल्कि उसकी वसूली भी हो।

बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव भी सामने आया
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बकाया ट्रैफिक चालान को बिजली बिल से जोड़कर वसूलने का सुझाव भी सामने आया। हालांकि इसे तत्काल लागू करने का आदेश समझना सही नहीं होगा। यह सुनवाई के दौरान बकाया रकम की वसूली के लिए सुझाए गए संभावित तरीकों में से एक था।

ई-चालान सिस्टम को जमीन पर लागू करने पर जोर
यह मामला सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पालन से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ई-एनफोर्समेंट से जुड़े प्रावधानों को लागू करने और पहले दिए गए निर्देशों को जमीन पर उतारने पर जोर दिया है।

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