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CM योगी का बड़ा हमला- ‘2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार’, 87 इंटरसेप्टर भी रवाना

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 at 03:21 PM

लखनऊ के लोकभवन में पुलिस पदक अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई जिलों में माफिया का दबदबा था और उनके सामने पुलिस-प्रशासन मजबूर नजर आता था। सीएम ने कहा कि माफिया के सामने ‘नाक रगड़ने’ और ‘घुटने टेकने’ जैसी स्थिति थी।

CM योगी ने कहा कि अगर राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही कमजोर हो तो कानून-व्यवस्था को मजबूत करना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधारों पर जोर दिया और पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में काम किया।

87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया गया और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया गया।

‘सुरक्षा हटे तो बड़े से बड़ा आदमी भी…’
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी पर टिप्पणी करना आसान है, लेकिन बाहर सुरक्षा का माहौल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अराजकता की स्थिति पैदा होने पर बड़े से बड़ा व्यक्ति भी असहज हो सकता है।

दंगे और कर्फ्यू का भी किया जिक्र
CM योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने पुलिस की बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

14 लाख कैमरों और सात कमिश्नरेट का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब 14 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं। उनके मुताबिक इनका इस्तेमाल सिर्फ अपराध होने के बाद जांच के लिए नहीं, बल्कि अपराध रोकने में भी किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में सात पुलिस कमिश्नरेट के काम करने की बात भी कही।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को याद किया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी का भी जिक्र किया। सुनील कुमार जनवरी 2025 में शामली में हुई मुठभेड़ में घायल हुए थे और 22 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बाद में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

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CM योगी का बड़ा हमला- ‘2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार’, 87 इंटरसेप्टर भी रवाना

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 at 03:21 PM

लखनऊ के लोकभवन में पुलिस पदक अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई जिलों में माफिया का दबदबा था और उनके सामने पुलिस-प्रशासन मजबूर नजर आता था। सीएम ने कहा कि माफिया के सामने ‘नाक रगड़ने’ और ‘घुटने टेकने’ जैसी स्थिति थी।

CM योगी ने कहा कि अगर राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही कमजोर हो तो कानून-व्यवस्था को मजबूत करना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधारों पर जोर दिया और पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में काम किया।

87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया गया और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया गया।

‘सुरक्षा हटे तो बड़े से बड़ा आदमी भी…’
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी पर टिप्पणी करना आसान है, लेकिन बाहर सुरक्षा का माहौल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अराजकता की स्थिति पैदा होने पर बड़े से बड़ा व्यक्ति भी असहज हो सकता है।

दंगे और कर्फ्यू का भी किया जिक्र
CM योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने पुलिस की बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

14 लाख कैमरों और सात कमिश्नरेट का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब 14 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं। उनके मुताबिक इनका इस्तेमाल सिर्फ अपराध होने के बाद जांच के लिए नहीं, बल्कि अपराध रोकने में भी किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में सात पुलिस कमिश्नरेट के काम करने की बात भी कही।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को याद किया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी का भी जिक्र किया। सुनील कुमार जनवरी 2025 में शामली में हुई मुठभेड़ में घायल हुए थे और 22 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बाद में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

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