By Malay Ojha | Published: 07 October 2026 at 08:01 PM
पटना के गांधी मैदान में ‘रात हमारी, सड़क हमारी’ अभियान के तहत महिला सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के विरोध में जुटीं छात्राओं को मार्च शुरू होने से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। छात्राओं को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी दिखी। भारी बारिश के बीच भी महिलाएं और छात्राएं गांधी मैदान में जुटीं और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई छात्राओं को हिरासत में ले लिया। उनका कहना था कि पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद आंदोलन को रोकना और प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाना था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं गांधी मैदान में मौजूद रहीं।
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। गांधी मैदान में जुटी महिलाओं ने महिला सुरक्षा, सम्मान और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की आजादी से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए।
मीना तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने छात्राओं को हिरासत में लिए जाने की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उनकी सुरक्षा, सम्मान व न्याय के मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वालों को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
‘पुलिस दमन के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा’
मीना तिवारी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उनके मुताबिक महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई जरूरी है।
सभा में कई नेताओं ने रखी बात
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को मीना तिवारी के अलावा एमएलसी शशि यादव और निवेदिता झा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने महिला सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर सरकार और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग रखी।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल
अभियान में राखी देवी, प्रीति कुमारी, मनीषा कुमारी, प्रिया कुमारी, महिमा कुमारी और प्रेम कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने महिला सुरक्षा को लेकर अपनी मांगें उठाईं और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
क्या है ‘रात हमारी, सड़क हमारी’ अभियान?
‘रात हमारी, सड़क हमारी’ अभियान का मकसद महिलाओं के लिए दिन और रात दोनों समय सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने की मांग उठाना है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के डर के बिना सड़क, सार्वजनिक स्थान, शिक्षा और रोजगार के लिए आने-जाने की आजादी मिलनी चाहिए।
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